गोनोरिया के लक्षण, कारण और उसका इलाज | गोनोरिया का आयुर्वेदिक उपचार

गोनोरिया एक ऐसी बीमारी है जिसको सुजाक भी कहा जाता है। किसी भी महिला या पुरुष के अंदर यौन संबंध बनाने के दौरान फैल सकता है। यह एक ऐसी बीमारी है जोकि यौन संबंध बनाते समय कुछ बैक्टीरिया का एक दूसरे के बीच में आदान-प्रदान होता है। जिसमें से की नेसेरिया गोनोरिया एक ऐसा बैक्टीरिया है। जोकि गोनोरिया जैसी बीमारी को फैलाने के लिए जिम्मेदार माना जाता है। गोनोरिया मर्ज स्त्री और पुरुष दोनों में हो सकता है। इस मर्ज में  सबसे ज्यादा आपको मलाशय और मूत्र मार्ग में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। महिलाओं में इस मर्ज के हो जाने से उनके गर्भाशय पर इसका सीधा असर पड़ता है। जिससे कि नवजात शिशु प्रभावित हो सकता है। इस मर्ज के कारण महिलाओं में  बांझपन की भी समस्या हो सकती है। बहुत से लोगों में भ्रम होता है कि गोनोरिया टॉयलेट की सीट से भी फैल सकता है।

लेकिन हम आपको बताना चाहेंगे कि गोनोरिया टॉयलेट  के सीट से नहीं फैलता है। यह टॉइलेट में किसी संक्रमित व्यक्ति के प्रवेश से ही हो सकता है। अगर किसी गर्भवती महिला में  यह मर्ज हो जाता है तो वह सीधे नवजात शिशु के आंखों को प्रभावित करता है। जिससे कि किसी भी नवजात शिशु की आंखों में कुछ ना कुछ दिक्कतें जरूर हो जाती हैं। बहुत से मामलों में देखा गया है कि गोनोरिया  मर्ज का ज्यादा कोई लक्षण नहीं दिखता है। जिससे कि इसके संक्रमण के बारे में नहीं पता चल पाता है और अंदर ही अंदर बहुत बड़ी समस्या खड़ी कर सकता है। इसीलिए  गोनोरिया जैसे मर्ज से बचने के लिए आपको यौन संबंध बनाते समय कंडोम इस्तेमाल करना चाहिए। जोकि किसी भी बैक्टीरिया के आदान-प्रदान को रोकता है जिससे कि आपको  गोनोरिया जैसे मर्ज का सामना नहीं करना पड़ता है।

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गोनोरिया मर्ज के कारण 

गोनोरिया किसी भी व्यक्ति के अंदर बैक्टीरिया के संक्रमण से भी हो सकता है। नेईसेरिया गोनोरिया नामक बैक्टीरिया के आदान-प्रदान होने से गोनोरिया मर्ज फैलने लगता है। बहुत से शोधों में पाया गया है कि गोनोरिया जैसा मर्ज  संभोग करने के दौरान फैल सकता है। लेकिन हम आपको बताना चाहेंगे कि इस मर्ज के संभोग करने के दौरान या फिर बैक्टीरिया के स्पर्श से भी फैलने की संभावना होती है। ज्यादातर गोनोरिया जैसे मर्ज के फैलने की संभावना लिंग, योनि, मुंह गुदा के संपर्क में आने से रहती है। गोनोरिया मर्ज का बैक्टीरिया आपके शरीर में जीवित रह सकता है। यह शरीर के बाहर रहने पर कुछ ही सेकंड में खत्म हो जाता है। इसलिए आप जब कभी भी किसी संक्रमित व्यक्ति के इस्तेमाल किए हुए टॉयलेट,कपड़े या अन्य वस्तुओं  को इस्तेमाल करने से पहले अच्छी तरह से साफ करके या फिर संक्रमित व्यक्ति के इस्तेमाल करने के कुछ घंटों बाद ही टॉयलेट का इस्तेमाल करना चाहिए। अगर आप में कभी भी गोनोरिया के लक्षण दिखते है। तो सबसे पहले आपको इसके कारणों के बारे में पता लगाकर इसका तुरंत इलाज करना चाहिए। जिससे कि गोनोरिया के बैक्टीरीया पूरी तरह से मर जाएं और आप इस मर्ज से  संक्रमित होने से बच सकें। 

  • योनि संभोग करने से 
  • ऐनल सेक्स करने से 
  • ओरल सेक्स करने से 
  • संभोग के समय कान्डम का इस्तेमाल न करना 
  • किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से 
  • पब्लिक टॉइलेट का इस्तेमाल करने से 
  • पब्लिक पूल का इस्तेमाल करने से 

योनि संभोग करने से 

 योनि संभोग करने से भी गोनोरिया जैसे मर्ज का खतरा हो सकता है। क्योंकि योनि संभोग के दौरान ही बैक्टीरिया के आदान-प्रदान होने से हो सकता है। अगर आपके साथी में किसी भी प्रकार के संक्रमण की संभावना है तो आप में भी बैक्टीरिया के फैलने की वजह से संक्रमण फैलने की प्रबल संभावना रहती है। इसीलिए योनि संभोग करने के दौरान आपको जरूर प्रोटेक्शन का सहारा लेना चाहिए। जिससे कि बैक्टीरिया का आदान-प्रदान ना हो और गोनोरिया जैसे मर्ज से आप बचे रहें।

ऐनल सेक्स करने से 

बहुत से नौजवान जोड़ियों में देखा जाता है कि पश्चिमी सभ्यता को अपनाते हुए संभोग क्रिया के दौरान बहुत सारे ऐसे संभोग तरीकों को अपनाते हैं। जोकि आपके लिए बहुत ही हानिकारक और कष्टदायी स्तिथि पैदा कर सकता है। इसी में से एनल सेक्स भी एक प्रक्रिया है जो कि आजकल के नौजवान इसे आजमाते हैं। लेकिन हम आपको बताना चाहेंगे कि  गोनोरिया जैसे मर्ज का खतरा ऐनल सेक्स करने से भी रहता है। एनल सेक्स के दौरान भी  बैक्टीरिया का आदान-प्रदान हो जाता है। जिससे कि इस मर्ज के फैलने की पूरी संभावना रहती है।

ओरल सेक्स करने से 

बहुत से लोग संभोग क्रिया के साथ-साथ ओरल सेक्स का भी प्रयोग करते हैं। लेकिन वह इसके बारे में यह नहीं जानते कि यह उनके लिए बहुत ही घातक साबित हो सकता है। क्योंकि ओरल सेक्स के दौरान सुरक्षा का प्रयोग ना करना आपको  गोनोरिया जैसे मर्ज से ग्रसित कर सकता है।

 संभोग के समय कान्डम का इस्तेमाल न करना

बहुत से युवक युवतियाँ आजकल संभोग के अधिक लुत्फ लेने के चक्कर में कान्डम का प्रयोग करना ज्यादा उचित नहीं समझते लेकिन उन्हे मालूम नहीं की ऐसा करना उनके लिए बहुत ही हानिकारक हो सकता है। क्यूंकी संभोग के दौरान कान्डम का इस्तेमाल न करने से उन्हे संक्रमण का सामना करना पड़ सकता है। इसीलिए संभोग करने के दौरान कान्डम का उपयोग जरूर करना चाहिए। जिससे आप बहुत से रोगों से बचे रहेंगे।

किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से

 गोनोरिया का मर्ज किसी भी व्यक्ति के अंदर इसके बैक्टीरिया के जाने से हो सकता है। अगर आप ऐसे किसी व्यक्ति  के संपर्क में आ जाते हैं। जिसको पहले से ही गोनोरिया जैसा मर्ज है। तो आपको भी  यह मर्ज हो सकता है। क्योंकि इसके बैक्टीरिया के फैलने पर ही या मर्ज भी फैलने लगता है। बैक्टीरिया अगर आपके शरीर के संपर्क में आ जाता है। तो यह आपके शरीर के अंदर मौजूद शक्तियों के कारण ही जिंदा रह पाता है नहीं तो  गोनोरिया के बैक्टीरिया खुली हवा में कुछ सेकंड तक ही जीवित रह पाते हैं। इसीलिए जरूरी है कि अगर ऐसे किसी व्यक्ति को गोनोरिया का मर्ज है तो आपको उस से दूरी बनाकर रखनी चाहिए।

पब्लिक टॉयलेट का इस्तेमाल करने से

 पब्लिक टॉयलेट में बहुत से ऐसे व्यक्ति आते हैं । जिनके बारे में आपको बिल्कुल भी जानकारी नहीं होती है। किस व्यक्ति के अंदर कौन सा मर्ज है उसके बारे में आपको तनिक भी जानकारी ना होने के कारण आप  गोनोरिया जैसे मर्ज के संपर्क में आ जाते हैं। जो कि आपको पब्लिक टॉयलेट में पहले से मौजूद बैक्टीरिया छुआछूत के कारण भी आप के संपर्क में आ सकते हैं। इसीलिए आपको पब्लिक टॉयलेट का कम से कम इस्तेमाल करना चाहिए। अगर आपको इसका इस्तेमाल भी करना पड़ जाए। तो उसी टॉयलेट में जाना चाहिए जो कि पूरी तरह से साफ सुथरा हो और हर एक व्यक्ति के जाने के बाद साफ किया जाए । 

 पब्लिक पूल का इस्तेमाल करने से 

गर्मी के सीजन में ज्यादातर व्यक्ति पब्लिक पूल का इस्तेमाल करते हैं। लोग पब्लिक पूल में नहाने के बहाने या फिर स्विमिंग की वजह से जाते हैं। जो कि गोनोरिया जैसे मर्ज को उत्पन्न करने के लिए एक बड़े कारणों में से माना जाता है। पब्लिक पूल में बहुत सारे लोग नहाने या स्विमिंग करने आते हैं। जिसमें कि गोनोरिया से संक्रमित व्यक्ति के भी नहाने का खतरा रहता है और गोनोरिया का बैक्टीरिया पानी के माध्यम से आपके भी संपर्क में आ जाता है और आपके शरीर में प्रवेश कर जाता है। जिससे आपको भी  गोनोरिया जैसे मर्ज  से संक्रमित होने का पूरा खतरा रहता है।

गोनोरिया के लिए आयुर्वेदिक दवायें 

 गोनोरिया एक ऐसा मर्ज है जोकि यौन समस्याओं में ही गिना जाता है। जिससे कोई भी व्यक्ति बहुत ही परेशान और मुश्किलों में पड़ सकता है। यह आपके शरीर में किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से और उसके बैक्टीरिया आपके शरीर में प्रवेश कर जाने से ही फैलता है। हम बहुत से परहेजों और  बचाव करके इस मर्ज के होने से बच सकते हैं। सुजाक रोग को जड़ से इलाज करने के लिए आप आयुर्वेद का भी सहारा ले सकतें हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि अगर किसी भी कारण से यह मर्ज आपके शरीर में हो जाता है। तो आप क्या करेंगे। इसको खत्म करना बहुत ही जरूरी होता है नहीं तो यह आनेवाले दिनों में नासूर की तरह आपके शरीर में बढ़ता ही चला जाता है। जिससे कि आपका शरीर दिन के दिन ढलने लगता है। गोनोरिया को खत्म करने के लिए बहुत सी आयुर्वेदिक दवाएं प्रचलित हैं। जिनका इस्तेमाल करके आप इस मर्ज को पूर्ण रूप से खत्म कर सकते हैं।आपको इस मर्ज से निजात के लिए आयुर्वेदिक दवाओं का इस्तेमाल इसलिए करना चाहिए। क्योंकि आयुर्वेदिक दवाएं प्राकृतिक औषधियां और खाद्य पदार्थों के मिश्रण से बनी होती हैं। जोकि आपके शरीर के लिए बहुत ही लाभदायक होता है और इसके उपयोग से आपके शरीर पर कोई विपरीत परिणाम भी नहीं पड़ता है। इन दवाओं को आप बेझिझक गोनोरिया जैसी बीमारी को खत्म करने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। तो आइए जानते हैं कि कैसे और किन दवाओं के उपयोग से हम गोनोरिया जैसी बीमारी को खत्म कर सकते हैं। 

  • नवकार्षिक चूर्ण 
  • गंधक रसायन 
  • नीम कैप्सूल 
  • करक्यूमिन कैप्सूल   
  • सफेद मूसली 
  • त्रिफला चूर्ण 

नवकार्षिक चूर्ण 

नवकार्षिक चूर्ण गोनोरिया जैसा मर्ज को खत्म करने के लिए बहुत ही लाभकारी दवा मानी जाती है। इस दवा में बहुत सारे ऐसे  एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं। जो कि गोनोरिया के बैक्टीरिया को खत्म करने का काम करते हैं। इस दवा को मुख्य रूप से आंवला,  दारू हल्दी, गिलोय, हरीतकी, मंजिष्ठा, नीम, वाचा, बहेड़ा, कुटकी जैसी प्राकृतिक औषधियों के मिश्रण से तैयार किया गया है। जो कि  गोनोरिया के बैक्टीरिया को खत्म करने के लिए बहुत ही असरदार और प्राकृतिक औषधि मानी जाती हैं। इस दवा में मौजूद दारूहल्दी में एंटीबैक्टीरियल गुण होने के कारण इसमें और भी बहुत से ऐसे एजेंट पाए जाते हैं। जोकि बैक्टीरिया को जड़ से खत्म करने के लिए बहुत ही लाभकारी होते हैं। इस दवा को आप एक छोटे चम्मच की मात्रा में गुनगुने पानी के साथ दिन में 2 बार रह सकते हैं। जिससे कि आपको गोनोरिया के मर्ज में बहुत ही लाभ और आराम देखने को मिल सकता है।

गोनोरिया

गंधक रसायन 

गंधक रसायन बैद्यनाथ कंपनी द्वारा बनाई गई पुराने सुजाक रोग की आयुर्वेदिक दवा है। जोकि गोनोरिया के मर्ज को खत्म करने के लिए बहुत ही असरदार मानी जाती है। किसी भी पुरुष या महिला के अंदर गोनोरिया जैसे मर्ज हो जाते हैं। तो सबसे पहले एक ही दवा का इस्तेमाल किया जाता है। यह दवा आपके शरीर से सारे विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालकर आपके शरीर में गोनोरिया के बैक्टीरिया के संक्रमण को खत्म करने का काम करता है जिससे की  गोनोरिया के बैक्टीरिया खत्म होने लगते हैं और यह मर्ज समाप्त हो जाता है। इस दवा को आंवला,गिलोय, हरीतकी, अदरक, दालचीनी,, बहेड़ा, इलायची, शुद्ध गंधक जैसी प्राकृतिक औषधियों के मिश्रण से तैयार किया गया है। इस दवा को आप 3 ग्राम की मात्रा में शहद के साथ मिलाकर दिन में दो बार ले सकते हैं। जिससे कि आपके शरीर में गोनोरिया जैसा मर्ज जड़ से खत्म हो जाएगा। इस दवा का बेहतर परिणाम पाने के लिए कम से कम 6 महीने तक इसका इस्तेमाल करना आवश्यक है।

गोनोरिया

नीम कैप्सूल 

  गोनोरिया जैसे मर्ज  को खत्म करने के लिए नीम कैप्सूल का भी इस्तेमाल किया जाता है क्योंकि बहुत सारे ऐसे एंटी ऑक्सीडेंट और इम्यून बूस्टर पाए जाते हैं जो कि हमारे शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा देते हैं जिससे हमारा शरीर गोनोरिया के बैक्टीरिया से लड़ने बहुत ही सक्षम हो जाता है और गोनोरिया के बैक्टीरिया को धीमे धीमे खत्म कर देता है जिससे कि यह मर्ज भी हमारे शरीर पर पूरी तरह से बाहर निकल जाता है। इस कैप्सूल को बनाने के लिए नीम के तेल और छाल का इस्तेमाल किया जाता है। नीम को हमेशा से एंटीबायोटिक और एंटी इन्फेक्शन तत्व के रूप में जाना जाता है। गोनोरिया जैसे मर्ज को खत्म करने के लिए इस दवाको आप भोजन करने के पश्चात दिन में दो बार गुनगुने पानी के साथ या सादे पानी के साथ भी ले सकते हैं। 

गोनोरिया

करक्यूमिन कैप्सूल

करक्यूमिन कैप्सूल मैं बहुत सारे ऐसे एंटी  माइक्रोबियल प्रॉपर्टी पाई जाती है। जोकि  गोनोरिया जैसे मर्ज के बैक्टीरिया को एकदम से खत्म करने और दोबारा न बढ़ने देने का काम करती है। इस दवा को गोनोरिया  के मरीजों के लिए रामबाण दवा मानी जाती है। या कैप्सूल हल्दी से बनी होती है जिसमें कि बहुत सारे ऐसे एजेंट पहले से ही होते हैं जो कि किसी भी लोगों को भरने के लिए बहुत ही लाभकारी माने जाते हैं और यह हमारे शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने का काम करती है जिससे कि हमारा शरीर किसी भी रोग से लड़ने और उसको खत्म करने लायक बन जाता है। इस कैप्सूल को आप गुनगुने पानी के साथ दिन में दो बार ले  सकते हैं और हर बार दो कैप्सूल का उपयोग भी कर सकते हैं जिससे कि आपको गोनोरिय के मर्ज में जल्द राहत देखने को मिल सकती है। इसके बेहतर परिणाम के लिए आपको इसका इलाज लंबे समय तक जारी रखना चाहिए। 

गोनोरिया

सफेद मूसली 

सफेद मूसली एक ऐसी प्राकृतिक औषधि है जो कि जंगलों में पाई जाती है। यह विश्व के कुछ चुनिंदा जगहों पर ही पाई जाती है इसमें मौजूद बहुत सारे ऐसे आयुर्वेदिक और एंटीबायोटिक गुण होते हैं जो कि किसी भी रोग को जल्द से जल्द खत्म करने और उसमें राहत दिलाने के लिए बहुत ही लाभकारी माने जाते हैं। यह दवा पुरुषों में संभोग समय को बढ़ाने के लिए भी इस्तेमाल की जाती है।लेकिन इस दवा को गोनोरिया जैसे मर्ज को खत्म करने के लिए बहुत ही अच्छी दवा मानी जाती है।इस दवा मौजूद एंटी बैक्टीरियल और एंटी बायोटिक  गुण गोनोरिया के बैक्टीरिया से हुए संक्रमण को जड़ से खत्म करने का काम करता है। इसीलिए इस दवा को गोनोरिया के मर्ज के लिए सबसे ज्यादा इस्तेमाल की जाती है। इस दवा को आप 5 ग्राम की मात्रा में गुनगुने पानी के साथ सुबह शाम ले सकते हैं जिससे कि आपको बेहतर परिणाम देखने को मिल सकता है।

गोनोरिया

त्रिफला चूर्ण

त्रिफला चूर्ण एक ऐसी प्राकृतिक औषधि से बनी है जिसको महाऔषधि भी कहा जाता है और यह गोनोरिया के मरीजों के लिए सबसे  असरकारी दवा मानी जाती है। इस दवा को यौन संचारित संक्रमण को खत्म करने के लिए सदियों से इस्तेमाल किया  जाता रहा है। त्रिफला चूर्ण को कोलेस्ट्रॉल कम करने की आयुर्वेदिक दवा भी कहा जाता है। इसको बहुत से लोग कोलेस्ट्रॉल कम करने के लिए भी इस्तेमाल करतें हैं। इसमें बहुत सारे ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो कि गोनोरिया के बैक्टीरिया को खत्म करने के लिए बहुत ही अच्छे और लाभकारी साबित हुए हैं। इस दवा को आंवला,बहेड़ा, हरण और त्रिफला के मिश्रण से तैयार किया गया है। इन सभी औषधियों में मौजूद एंटीबैक्टीरियल गुण के कारण ही बैक्टीरियल इनफेक्शन को खत्म करने मैं सक्षम हो पाती है। इस दवा का इस्तेमाल आपको वैद्य के परामर्श के बाद ही करना चाहिए ।

गोनोरिया के लिए अंग्रेजी दवा 

गोनोरिया जैसे मर्ज के  तुरंत निजात के लिए आप अंग्रेजी दवाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं क्योंकि यह मर्ज बैक्टीरियल इनफेक्शन के फैलने के कारण हो जाता है। जोकि बहुत तेजी से आपके शरीर में फैलता है और अगर आप इसके इलाज में जरा सी भी लापरवाही कर दिए तो यह आपके लिए घातक हो सकता है इसलिए ऐसे इंफेक्शन को तुरंत खत्म करने के लिए अंग्रेजी दवाएं सबसे ज्यादा लाभकारी मानी जाती हैं लेकिन ऐसी अंग्रेजी दवाओं को इस्तेमाल करने के लिए आपको अपने  समस्या अनुसार इसके खुराक के लिए किसी चिकित्सक से परामर्श कर लेना चाहिए।  बहुत ही ऐसी अंग्रेजी दवाएं हैं जो कि बैक्टीरियल इनफेक्शन को  खत्म कर गोनोरिया मर्ज  को खत्म करने में बहुत बड़ी भूमिका निभाती है ।इसीलिए गोनोरिया के मर्ज  से तुरंत निजात पाने के लिए आप अंग्रेजी दवाओं को इस्तेमाल कर सकते हैं तो आइए कुछ ऐसी ही प्रमुख अंग्रेजी दवाओं के बारे में जानते हैं जो कि गोनोरिया के मर्ज में बहुत ही लाभकारी साबित हो सकती हैं।

  • Amoxicillin
  • Ampicillin
  • Aztreonam
  • Bacampicillin
  • Cefixime

Amoxicillin

यह एक ऐसी अंग्रेजी दवा है जो कि बैक्टीरियल इनफेक्शन को खत्म करने के लिए इस्तेमाल की जाती है। यह दवा पेनिसिलिन टाइप एंटीबायोटिक फार्मूले से तैयार की गई है। इस दवा को इसीलिए गोनोरिया के मर्द में इस्तेमाल किया जाता है क्योंकि यह बैक्टीरियल इनफेक्शन बहुत अच्छी तरह से और जल्द खत्म करती है क्योंकि गोनोरिया मर्ज भी बैक्टीरियल इनफेक्शन के बढ़ने के कारण ही हो जाता है। इसका बहुत ज्यादा अनावश्यक प्रयोग नहीं करना चाहिए क्योंकि इसके कुछ विपरीत परिणाम भी पड़ सकतें हैं। इस दवा को आप खाना खाने के पहले ले सकते हैं इसको  दिन में दो बार 8 से 12 घंटे के अंतराल पर लिया जा सकता है जिससे इसका बेहतर परिणाम देखने को मिल सकता है।

गोनोरिया

Ampicillin

यह दवा भी ऐसे मर्जोक्को ठीक करने के लिए इस्तेमाल की जाती है जो कि बैक्टीरियल इंफेक्शन के कारण बढ़ने लगते हैं इसीलिए इस दवा को गोनोरिया का मर्ज में भी इस्तेमाल किया जाता है क्योंकि गोनोरिया कमर्जी भी व्यक्ति के कारण ही होता है। इस दवा के इस्तेमाल से आपके शरीर में संक्रमण पूरी तरह से खत्म हो जाता है और बैक्टीरिया मर जाते हैं। इस दवा को आप दिन में तीन से चार बार ले सकते हैं जिससे कि आपको वह मोरिया के मर्ज में बहुत ही अच्छा असर और लाभ देखने को मिल सकता है। इस दवा का इस्तेमाल आपकी मर्जी पर निर्भर करता है कि आपको इतना ज्यादा इन्फेक्शन हुआ है उसी हिसाब से  इस दवा के इस्तेमाल की समय सीमा बढ़ाई और घटाई जा सकती है।

Ampicillin

Aztreonam

 एट्रियोनाम  एक प्रकार के इंजेक्शन है जो कि ऐसे इंफेक्शन को खत्म करने के लिए इस्तेमाल की जाती है जो बैक्टीरिया के कारण आपके ब्लड,स्किन और पेट में संक्रमण फैला सकते हैं। इस इंजेक्शन को गोनोरिया के बैक्टीरिया को भी खत्म करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इंजेक्शन मोनोबैक्टम एंटीबायोटिक के फार्मूले पर काम करते हैं वाली दवा है जो कि बैक्टीरिया को खत्म करने का काम करती है।  गोनोरिया मर्ज बैक्टीरिया के  कारण ही फैलने लगता है इसलिए इस इंजेक्शन का आप इस्तेमाल कर सकते हैं। यह एक पाउडर के रूप में उपलब्ध रहती है जोकि किसी खास लिक्विड में मिलाकर शरीर में इंजेक्ट की जाती है ।इसको आपके शरीर में धीमे-धीमे डाला जाता है क्योंकि  इसके आपके शरीर में धीमे-धीमे जाने से इसका प्रभाव ज्यादा होता है।

गोनोरिया

Bacampicillin (Clarithromycin Tablet)

बैकैम्पिसिलिन एक एम्पीसिलीन प्रोड्रग है जिसका उपयोग शरीर में विभिन्न अतिसंवेदनशील जीवाणु संक्रमणों के इलाज के लिए किया जाता है, जैसे कि श्वसन संक्रमण और त्वचा और चमड़े के नीचे के संक्रमण।इस दवा को गोनोरिया के मर्ज में हो रहे बैक्टीरियल इनफेक्शन को खत्म करने के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है। यह दवा गोनोरिया के  मर्ज के बैक्टीरियल इनफेक्शन को खत्म करने के लिए बहुत ही लाभकारी दवा मानी जाती है। इस समय बहुत ही ऐसे माइक्रोबायोलॉजिकल गुण पाए जाते हैं जो कि बैक्टीरियल इनफेक्शन को खत्म करने के लिए बहुत ही फायदेमंद होते हैं। 

गोनोरिया

Cefixime

यह एक ऐसी एलोपैथिक दवा है जो की सेफलोस्पोरिन एंटीबायोटिक के फार्मूले पर काम करती है जो कि बैक्टीरियल इंफेक्शन को जड़ से खत्म करने के लिए बहुत ही अच्छी दवा मानी जाती है। यह आपके शरीर में  बढ़ रहे बैक्टीरियल इंफेक्शन को जड़ से खत्म करने का काम करती है इसीलिए इस दवा को गोनोरिया के इंफेक्शन को भी खत्म करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है क्योंकि गोनोरिया बैक्टीरियल इंफेक्शन के कारण ही आपके शरीर में बढ़ना शुरू हो जाता है इस दवा में मौजूद एंटीबायोटिक गुण ही बैक्टीरियल इनफेक्शन को खत्म करने के लिए बहुत ही अच्छे माने जाते हैं। इस दवा को आप 12 घंटे के अंतराल पर दिन में दो बार ले सकते हैं जिससे कि आपका गोनोरिया  का मर्ज जड़ से भी खत्म हो सकता है।

गोनोरिया

गोनोरिया से निजात के लिए होमयोंपैथिक दवायें 

गोनोरिया को  बहुत से लोग सुजाक मर्ज के नाम से भी जानते हैं। जो कि एक यौन संचारित रोग के रूप में किसी भी पुरुष या स्त्री में हो सकता है। इस रोग को जन्म देने के लिए नेसीरिया गोनोरिया  नामक बैक्टीरिया जिम्मेदार होते हैं।  यह मर्ज आपके शरीर में एनल सेक्स,ओरल सेक्स और  बैक्टीरियल इंफेक्शन के कारण भी हो सकते हैं। इस मर्ज में  आपके शरीर का सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाला हिस्सा मलाशय और मूत्र मार्ग हो सकता है क्योंकि इसके बैक्टीरिया इन्हीं जननांगों को  सबसे ज्यादा प्रभावित करते हैं। इसीलिए सुजाक का होम्योपैथिक इलाज किया जा सकता हैं होम्योपैथिक  दवाओं की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह आपके किसी भी मर्ज में बहुत ही धीमे-धीमे काम करती हैं लेकिन जब यह अपना पूर्ण रूप से असर दिखाना चालू करती है तो यह आपके मर्ज को जड़ से बाहर करने में बहुत ही लाभकारी दवाएं साबित होती हैं। इसलिए  गोनोरिया  जैसे बैक्टीरियल इनफेक्शन को खत्म करने के लिए आप होम्योपैथिक दवाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं इसीलिए  निम्नलिखित कुछ प्रमुख  होम्योपैथिक दवाई बताई गई है क्योंकि वह बहुत ही लाभकारी साबित हो सकते हैं।

  • हाइड्रेस्टिस कनडेन्सिस 
  • सुबलिमेटेड सल्फर 
  • प्लेसेटीला परेटेन्सिस 
  • ओलियम सेंटली  
  • मरक्युरियस कोरोसाइवस 

हाइड्रेस्टिस कनडेन्सिस

यह होम्योपैथिक एक ऐसी दवा है जो कि इंफेक्शन को खत्म करने के लिए या कहें बैक्टीरियल इनफेक्शन को खत्म करने के लिए इस्तेमाल की जाती है जो कि आपके शरीर  के मांसपेशियों की ताकत को बढ़ाने और पाचन तंत्र को ठीक करने के लिए भी इस्तेमाल की जाती है। इस दवा को गोनोरिया के बैक्टीरियल इनफेक्शन को खत्म करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है क्योंकि यह दवा होम्योपैथिक की बैक्टीरियल इनफेक्शन खत्म करने की सबसे अच्छी दवा मानी जाती है। इस दवा के कोई भी साइड इफेक्ट नहीं होते हैं जिससे कि आपके शरीर पर कोई विपरीत परिणाम नहीं पड़ता है।  यह दवा गोल्डन सील हर्ब के अर्क  से बनी हुई दवा है। जोकि गुलरिया के मर्ज में बहुत ही असरदार मानी जाती है।  इस दवा को आप तीन से पांच बूंद की मात्रा में पानी में मिलाकर दिन में दो से तीन बार ले सकते हैं जिससे कि आपको गोनोरिया में बहुत ही चौकानेवाले परिणाम देखने को मिल सकते हैं।

गोनोरिया

सुबलिमेटेड सल्फर

सब्लिमेटेड सल्फर सुजाक रोग की होम्योपैथिक दवा है जो कि हैनीमैन साहब की विष नाशक औषधि के रूप में प्रसिद्ध है। यह दवा ऐसी समस्या के लिए उपयोग की जाती है जिसमें बहुत ज्यादा खुजली और दर्द की समस्या रहती है। इसीलिए इस दवा को गोनोरिया के मर्ज में इस्तेमाल किया जाता है क्योंकि गुलरिया के मर्ज में मल के रास्ते में बहुत ज्यादा खुजली और दर्द बना रहता है जोकि बैक्टीरियल इंफेक्शन के कारण होता है इसी बैटरी इन्फेक्शन को खत्म करने के लिए इस दवा का इस्तेमाल किया जाता है। इस दवा के इस्तेमाल के कुछ दिनों के बाद ही आपके शरीर में  गोनोरिया के इंफेक्शन खत्म होने लगते हैं और ठीक होने लग जाता है।  गोनोरिया के इलाज के लिए इस दवा को आप चार से पांच बूंद की मात्रा में पानी में मिलाकर दिन में तीन बार ले सकते हैं जिससे कि आपको गोनोरिया के मर्ज में में बहुत ही बेहतर लाभ देखने को मिल सकता है। 

गोनोरिया

प्लेसेटीला परेटेन्सिस 

यह दवा मध्य और उत्तरी अमेरिका में पाए जाने वाले वृक्ष के  अर्क से तैयार की जाती है जोकि सबसे ज्यादा ठंडे स्थानों पर  सुरक्षित पाई जाती है। इस दवा को भी बैक्टीरियल इनफेक्शन को खत्म करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है इसीलिए इस दवा को गोरिया जैसे मर्ज में हो रहे  इंफेक्शन को खत्म करने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। यह  दबाव मुख्य रूप से मल के रास्ते में हो रहे दर्द और खुजली की समस्या को भी खत्म करती है। इस दवा की खुराक  आपके मर्ज की जटिलता पर निर्भर करती है कि आपका मर्ज कितना जटिल है उसी हिसाब से इसकी खुराक भी तय की जाती है क्योंकि इस की ज्यादा खुराक आपको विपरीत परिणाम भी पहुंचा सकती है इसीलिए इस दवा के इस्तेमाल के लिए आपको अपने मर्ज के अनुसार किसी चिकित्सक से परामर्श कर लेना चाहिए। जिससे कि आपको किसी विपरीत परिणाम का सामना ना करना पड़े।

गोनोरिया  

ओलियम सेंटली 

 यह दवा आपके शरीर में हो रहे  बैक्टीरियल इंफेक्शन और मल के रास्ते में जलन और दर्द को खत्म करने के लिए इस्तेमाल की जाती है इस  दवा को  गोनोरिया के इंफेक्शन को भी खत्म करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इस दवा में चंदन की लकड़ी का तेल पाया जाता है जो कि शरीर के रोगों को खत्म करने के लिए बहुत ही लाभकारी और असरदार माना जाता है। चंदन में बहुत सारे ऐसे  एंटीबैक्टीरियल और एंटी बायोटिक पाए जाते हैं जो शरीर में मौजूद किसी भी रोग को खत्म करने के लिए बहुत ही बेहतर तत्व माने जाते हैं। इसीलिए इस दवा को के मर्ज के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। ओलियम सेंटली को चंदन की लकड़ी का तेल भी कहा जाता है। इस दवा को आप 10 बूंद की मात्रा में पानी के साथ मिलाकर दिन में तीन बार ले सकते हैं जिससे कि आपको गोनोरिया के मर्ज जल्द लाभ मिलना शुरू हो जाता है।

गोनोरिया

मरक्युरियस कोरोसाइवस 

 यह मरक्युरियस ग्रुप द्वारा तैयार की गई होम्योपैथिक मेडिसिन है जो कि एंटी सिफिलिटिक  मेडिसिन होती है। इस दवा को  गोनोरिया के इंफेक्शन को खत्म करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।इस दवा को पेट की समस्या को दूर करने के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है। इस दवा के इस्तेमाल से आपके शरीर में गहरा से गहरा दर्द ठीक हो जाता है।गोनोरिया के कारण आपके मदरसा में हो रहे हैं दर्द को भी यह ठीक करने का काम करती है। गोनोरिया के वजह से आपका मूत्र हरे रंग का हो जाता है और आपके लिंक पर छोटे छोटे छाले निकल आते हैं जिस को ठीक करने के लिए  यह दवा बहुत ही अच्छी और प्रमुख दवा मानी जाती है। इस दवा के इस्तेमाल से आप  गोनोरिया के वजह से हो रही समस्या को कुछ दिनों में ही दूर कर सकते हैं। 

गोनोरिया

 

गोनोरिया के मर्ज को ठीक करने के लिए घरेलू और प्राकृतिक उपचार 

 गोनोरिया के मरीज को ठीक करने के लिए कोई जरूरी नहीं है कि आप सिर्फ आयुर्वेदिक एलोपैथिक और होम्योपैथिक दवाओं का इस्तेमाल करें। इस मर्ज के  कारणों और लक्षणों को जानने के बाद आप इसको घरेलू उपायों और प्राकृतिक  औषधियों और खाद्य पदार्थों के उपयोग से भी खत्म कर सकते हैं। क्योंकि प्रकृति  द्वारा उपलब्ध कराई गई बहुत सारी ऐसी प्राकृतिक औषधियां और खाद्य पदार्थ हमारे इर्द-गिर्द मौजूद रहते हैं जिनके बारे में हम बहुत अच्छी तरीके से नहीं जानते हैं और उनके लाभ से वंचित रह जाते हैं। प्राकृतिक औषधि और खाद पदार्थों में बहुत से ऐसे उपयोगी तत्व पाए जाते हैं जोकि  गोनोरिया जैसे  मर्ज के इंफेक्शन को खत्म करने के लिए बहुत ही लाभदायक हो सकते हैं इसीलिए इस लेख में हम आपको कुछ घरेलू और प्राकृतिक उपचारों के बारे में बताएंगे जिसके इस्तेमाल से आप गुलेरिया जैसे मर्ज को कुछ दिनों में ही जड़ से खत्म कर सकते हैं क्योंकि बहुत से लोग आयुर्वेदिक और एलोपैथिक दवाओं का इस्तेमाल नहीं करना चाहते या किसी और मजे से ग्रसित होने के कारण ज्यादा दवा नहीं खा सकते हैं इसलिए वह इन सभी घरेलू उपायों का इस्तेमाल करके अपनी  गोनोरिया के समस्या को खत्म कर सकते हैं। तो आइए ऐसे ही कुछ घरेलू  उपायों और प्राकृतिक उपचारों के बारे में नीचे बताया जा रहा है जोकि  गोनोरिया के मरीज को ठीक करने के लिए बहुत ही फायदेमंद साबित हो सकते हैं।

  • बेल का सेवन 
  • नीम का सेवन 
  • गिलोय का सेवन 
  • आंवला का सेवन 
  • सहजन का सेवन 

बेल का सेवन

 बेल एक ऐसा फल है जिसके सेवन से आप गोनोरिया जैसे मर्ज को खत्म कर सकते हैं क्योंकि इस फल में बहुत सारे ऐसे महत्वपूर्ण तत्व पाए जाते हैं जो कि गोनोरिया के मर्ज में बहुत ही ज्यादा राहत देने वाले होते हैं।  इस फल के गूदे को अच्छी तरह से टूट कर रात में पानी में भिगो दें और सुबह उसको  चांद कर उसका  शरबत बनाकर पी सकते हैं जिससे कि कुछ ही हफ्तों में आपको गोनोरिया से ग्रसित अंगों में जलन और दर्द में बहुत ही ज्यादा आराम मिलता है। जो की  गोनोरिया के मर्ज को ठीक होने के लिए बहुत ही जरूरी है।

नीम का सेवन 

नीम में बहुत सारे ऐसे एंटीबायोटिक और एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं जो कि किसी भी व्यक्ति रियल इन्फेक्शन को खत्म करने के लिए बहुत ही लाभकारी साबित हो सकते हैं इसीलिए  गोनोरिया मर्ज के इन्फेक्शन को ठीक करने के लिए नीम का सेवन बहुत ही लाभकारी साबित हो सकता है। इसलिए नीम की गोंद और इसके तेल का सेवन करना चाहिए जिससे कि आपको कुछ ही हफ्तों में गोनोरिया के मर्ज में असर देखने को मिल सकता है और  गोनोरिया की बीमारी ठीक होने लगती है।

गिलोय का सेवन 

गोनोरिया के मरीज को ठीक करने के लिए गिलोय भी बहुत ही असरदार जड़ी-बूटी मानी जाती है क्योंकि गिलोय में रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा देने वाले तत्व पाए जाते हैं जिससे कि आपका शरीर किसी भी रोग से और बैक्टीरिया से लड़ने के लिए बहुत ही मजबूत हो जाता है और वह  बैक्टीरिया को खत्म करने का काम करता है इसीलिए गिलोय को  गोनोरिया जैसे मर्ज के बैक्टीरियल इनफेक्शन को खत्म करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। गिलोय को सुजाक का आयुर्वेदिक उपचार में भी इस्तेमाल किया जाता है। गिलोय को शहद में मिलाकर भी पी सकते हैं जिससे कि आपके पेशाब  मैं भी जलन दूर हो सकती है। 

आंवला का सेवन 

आंवला में भी बहुत सारे ऐसे इम्यून सिस्टम को मजबूत करने वाले तत्व पाए जाते हैं। जिससे कि हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बहुत ही ज्यादा मजबूत हो जाती है और बैक्टीरियल इनफेक्शन तो लड़ने में और इसको खत्म करने में बहुत ही असरदार साबित हो सकती है। आंवला को गोनोरिया के मर्ज को ठीक करने के लिए भी इस्तेमाल है। आंवला के उपयोग से  गोनोरिया का मर्ज कुछ ही दिनों में ठीक होने लगता है। आंवले को दाद को जड़ से खत्म करने की दवा  के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है। आप आंवले का रस का सेवन कर सकते हैं जिससे कि बैक्टीरियल इनफेक्शन को बढ़ने से रोका जा सकता है।

सहजन का सेवन 

सहजन एक ऐसी जड़ी बूटी है जो कि  गोनोरिया के मर्ज को जड़ से खत्म कर सकती है। जिसमें कि बहुत सारे ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो कि गोनोरिया के  मर्ज में पाए जाने वाले  बैक्टीरिया को पूर्ण रूप से खत्म कर देता है। सहजन को पीसकर आप दही में मिलाकर भी इसका सेवन कर सकते हैं  या फिर आप इसकी सब्जी बनाकर भी इसका सेवन कर सकते हैं जिससे कि आपको गोनोरिया के मर्ज में बेहतर लाभ देखने को मिल सकता है। 

निष्कर्ष 

इस लेख के माध्यम से हम आपको  गोनोरिया जैसे मर्ज को खत्म करने के लिए बहुत सारे ऐसे उपाय और दवाओं के बारे में बताएंगे जो कि  गोनोरिया के मरीज को ठीक करने के लिए बहुत असरदार और लाभकारी साबित हो सकती हैं। ऊपर लेख में बताई गई सारी दवाएं और उपाय गोनोरिया के मरीज को ठीक करने के लिए पूर्ण रूप से प्रमाणित  और सत्यापित हैं। गोनोरिया के मर्ज  बहुत सारे ऐसे बैक्टीरियल इंफेक्शन हो जाते हैं जो कि आपके लिए बहुत बड़ी समस्या खड़ी कर सकते हैं इसलिए ऊपर बताए गए सभी दवाएं और उपाय ऐसे बैटरी इंफेक्शन को खत्म करने के लिए बहुत ही लाभकारी हैं। लेकिन आपके  मर्ज के अनुसार इन दवाओं के खुराक के बारे में आप किसी चिकित्सक से भी परामर्श कर सकते हैं। जिससे आपको  गोनोरिया के मर्ज मेंजल्द और बेहतर परिणाम देखने को मिल सकता है। 

Frequently Asked Questions 

प्रश्न: गोनोरिया कौन सी बीमारी होती है?

उत्तर- गोनोरिया को सुजाक रोग भी कहा जाता है जो कि एक यौन संचारित रोग है जिसमें आपको मलाशय और मूत्र मार्ग में  बैक्टीरियल इंफेक्शन के कारण जलन और दर्द की समस्या हो सकती है। इस मर्ज में निसेरिया  गोनोरिया नामक बैक्टीरिया के कारण या मर्ज जन्म ले लेता है। यह मर्द सबसे ज्यादा व्यस्को  मैं होने की संभावना रहती है। 

प्रश्न: क्या गोनोरिया ठीक हो सकता है?

उत्तर- जी हां गोनोरिया का मर्ज बिल्कुल ही ठीक किया जा सकता है। इस  मर्ज को ठीक करने के लिए बहुत सारी एलोपैथिक, आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक दवाएं उपलब्ध है जिनका उपयोग करके आप इस मर्ज को ठीक कर सकते हैं।

प्रश्न: गोनोरिया का इलाज न होने पर क्या होता है?

उत्तर-  गोनोरिया के मरीज को अगर हम इलाज किए बगैर ही छोड़ देते हैं तो यह  हमारे रक्त में भी फैल सकता है जो कि आगे चलकर बहुत सारे मर्जों  को जन्म दे सकता है जिससे  कि आप हमेशा अस्वस्थ रहेंगे और बहुत सी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। 

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