पतंजलि नाईट फॉल मेडिसिन

नाईट फॉल को स्वप्नदोष के नाम से भी जानते हैं नाईट फॉल को स्वप्नदोष, Wet Dream आदि नामों से भी जाना जाता है नाइट सर हमारी मानसिक तनाव के कारण होता है यदि हम किसी सेक्सुअल एक्टिविटी में इंवॉल्व रहते हैं या फिर उस सेक्सुअल एक्टिविटी के बारे में अधिक देर तक सोचते रहते हैं या फिर सोने से पहले सोचते हैं जिसके कारण हमारा मस्तिष्क उन बातों को याद रखता है। सोने के पश्चात भी हमारा मस्तिष्क ऐसे क्रियाकलाप जिनको हम सोने से पहले सोचते हैं के बारे में कार्य करता रहता है। यदि आप किसी सेक्सुअल एक्टिविटी के बारे में सोचते हैं या पोर्न वीडियो या फोटो देखते हैं अथवा किसी महिला सेक्स पार्टनर के बारे में सोचते हैं, तो सोने के बाद हमारा दिमाग इन सब चीजों की एक अलग एक्टिविटी करने लगता है। जिसके कारण नाईट फॉल जैसी समस्या हो जाती है। पुरुषों में आजकल यह समस्याएं बहुत ज्यादा देखने को मिलती हैं, ज्यादातर यह समस्या कम उम्र के नौजवानों में यह देखने को मिलते हैं। इससे बचने के लिए आज हम आपको कुछ पतंजलि नाईट फॉल मेडिसिन के बारे में जानकारी देंगे जिनसे आप इस समस्या से छुटकारा पा सकते हैं।

Table of Contents

 नाईट फॉल(Nightfall) क्या है 

नाईट फॉल

नाईट फॉल सेक्सुअल से ज्यादा मानसिक बीमारी है क्योंकि नाईट फॉल हमारी मानसिक स्थिति के कारण ही होता है, जब कोई व्यक्ति नींद के दौरान ही स्खलित हो जाता है या वीर्यपात कर देता है ऐसी स्थिति को नाईट फॉल या स्वप्नदोष के नाम से जानते हैं ।

मनुष्य में दो तरह के दिमाग पाए जाते हैं एक दिमाग जाती हुई अवस्था में कार्य करता है तथा दूसरा हमारे सो जाने के पश्चात भी कार्य करता रहता है। जिन्हें जागृत मस्तिष्क  तथा सुप्त मस्तिष्क कहते हैं जागती हुई अवस्था में हम जो क्रियाकलाप करते हैं, हमारा सुप्त मस्तिष्क सो जाने के पश्चात पुन क्रियाकलापों को दोहराता है।

यदि हम सोने से पहले किसी सेक्सुअल एक्टिविटी के बारे में ज्यादा सोचते या देखते हैं, तो हमारे मस्तिष्क में सो जाने के बाद ऐसी एक्टिविटी लगातार चलती रहती है। जिसके कारण हमारा मस्तिष्क सोती हुई बसों में सिक्स क्रियाओं तथा सेक्सुअल एक्टिविटी में लुफ्त रहता है जिसके कारण उत्तेजना और पुरुषों में नाईट फॉल की समस्या हो जाती है। 

नाईट फॉल होने के कारण 

नाईट फॉल होने के कारण

नाईट फॉल होने के अधिकतर मानसिक कारण होते हैं जिनके कारण हम नाईट फॉल जैसी समस्या से हम परेशान रहते हैं। यदि हम दैनिक रूप से  पोर्न वीडियो तथा सेक्सुअल एक्टिविटी में लुप्त रहते हैं तो पुरुषों में यह समस्याएं होने लगती हैं। यह समस्याएं अधिकतर नवयुवक या अविवाहित पुरुषों में देखने को मिलती हैं।

इसके विभिन्न कारण और भी हो सकते हैं, जिनके कारण स्वप्नदोष जैसी समस्याएं होती रहती हैं। इन समस्याओं के कारण शरीर में विभिन्न प्रकार की कमियां हो जाती हैं यह समस्या बहुत दिनों तक नहीं रहती हैं। कुछ समय पश्चात अधिकतर केस में यह ठीक हो जाती हैं किंतु यदि लंबे समय तक नाईट फॉल के समस्या होती रहती है तो डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। नाईट फॉल के होने के कारण निम्नलिखित हैं

  • पोर्न वीडियो देखने के कारण।
  • सोने से पहले किसी सेक्स पार्टनर के बारे में सोचना।
  • हस्तमैथुन करने से। 
  • बहुत दिनों तक सेक्स ना करने से।
  • मानसिक तनाव के कारण। 
  • टेस्टोस्टरॉन सप्लीमेंट के  कारण। 
  • अधिक एक्टिव ना रहने के कारण।

पोर्न वीडियो देखने के कारण

पोर्न वीडियो देखने के कारण

यदि आप अधिक मात्रा में पोर्न वीडियो देखते हैं, तो हो सकता है कि आप नाईट फॉल की समस्या से परेशान हो सकते हैं, क्योंकि पोर्न वीडियो देखते समय और शरीर में उत्तेजना आ जाती है।

जिसके कारण हमारे लिंग उत्तेजित हो जाता है, लिंग के उत्तेजित हो जाने के कारण हमारा मन सेक्स करने के लिए अग्रेषित होता है किंतु यदि पोर्न वीडियो देखने के बाद आपका मान सेक्स क्रिया करने के लिए अग्रेषित होता है, और आप सेक्स क्रिया नहीं करते हैं, जिसके कारण उत्तेजना के समय रिलीज हुआ स्पर्म टेस्टिस में जमा होता रहता है जो कुछ समय पश्चात लिंग के ढीले हो जाने के पश्चात लिंग से निकलने लगता है, अथवा जब हम पोर्न वीडियो देखकर सो जाते हैं तो हमारे लिंग से उत्तेजना के कारण सुप्त अवस्था में सेक्स एक्टिविटी होती रहती है।

जिसके पश्चात स्खलन हो जाता है बिना सेक्स क्रिया किए हुए हुए इस इस वीर्य स्खलन को नाईट फॉल कहते हैं अतः अधिक वीडियो पोर्न वीडियो देखने के कारण या पोर्न फोटो देखने के कारण नाईट फॉल की समस्या हो जाती है।

सोने से पहले किसी सेक्स पार्टनर के बारे में सोचना

सोने से पहले किसी सेक्स पार्टनर के बारे में सोचना

यदि हम सोने से पहले अपने किसी सेक्स पार्टनर के बारे में सोचते हैं जो इस समय हमसे दूर है या फिर जिसके साथ कभी आपने सेक्स क्रियाएं की है यदि आप उन पलों को सोचते सोचते सो जाते हैं। ऐसे में आपका मस्तिष्क सोते समय वे सभी एक्टिविटी दोहराता रहता है जो आप सोच रहे थे ऐसे में आपको लगता है, कि हम अभी भी उस पार्टनर के साथ सेक्स क्रिया कर रहे हैं और आप सपने में ही सेक्सुअल एक्टिविटी को अंजाम देने लगते हैं।

जिसके पश्चात लिंग से इस तरह हो जाता है सपने में की गई इस सेक्सुअल एक्टिविटी से वीर्यपात होने की क्रिया को ही स्वप्नदोष नाम दिया गया है। इसीलिए किसी महिला के बारे में सोने से पहले सोचना के कारण भी नाईट फॉल हो जाता है इसलिए हमें सोने से पहले खुश रहने वाली बातें सोचना चाहिए।

हस्तमैथुन करने से

हस्तमैथुन करने से

 जब हम अधिक मात्रा में हस्तमैथुन करते हैं हस्तमैथुन करने के कारण हमारे लिंग की नसे कमजोर हो लिंग की नसों में कमजोरी होने के कारण नाईट फॉल की समस्या हो सकती है। जब हम अपने सेक्स पार्टनर से दूर रहते हैं तो हम अपने सेक्स इच्छा को मिटाने के लिए अधिक मात्रा में हस्तमैथुन प्रयास करने लगते हैं जिसके कारण हमारे लिंग की नसें कमजोर हो जाते हैं और जब कभी हमारे लिंग में किसी कारण से उत्तेजना आ जाती है।

तो हमारा लिंग इस उत्तेजना को रोक नहीं पाता है और लिंग की नसों में कमजोर होने के कारण वीर्यपात हो जाता है। जिसे नाईट फॉल के नाम से जानते हैं स्वप्नदोष की समस्या से हमारे शरीर में अन्य विभिन्न प्रकार के सेक्स समस्याएं हो जाती हैं।

बहुत दिनों तक सेक्स ना करने से

यदि हम बहुत लंबे समय तक सेक्स क्रिया या नहीं करते हैं जिसके कारण हमारे टेस्टिस में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन किस रावण के कारण लगातार  वीर्य का निर्माण होता रहता है जब यह वीर अधिक मात्रा में एकत्रित हो जाता है तो रात को सोते समय नींद की अवस्था में या हमारे लिंग से स्खलित हो जाता है या फिर यदि आप अपने सेक्स पार्टनर से दूर रहते हैं करण आप सेक्स क्रिया नहीं कर पाते हैं लेकिन जब आपके  लिंग में उत्तेजना आती है तो उससे वीर्यपात हो जाता है बहुत अधिक दिनों तक सेक्स ना करना भी स्वप्नदोष के Nightfall  का एक कारण हो सकता है।

मानसिक तनाव के कारण

मानसिक तनाव के कारण

मानसिक तनाव के कारण हमारे शरीर में विभिन्न प्रकार की समस्याएं होती हैं। जिसके कारण शरीर में विभिन्न प्रकार के बदलाव भी आते हैं मानसिक तनाव होने के कारण हमारे  टेस्टिस में बनने वाले वीर्य में शुक्राणुओं की संख्या कम हो जाती है। जिसके कारण वीर्य पतला हो जाता है वीर्य पतला हो जाने के कारण सोते समय जब हमारे लिंग में उत्तेजना होती है तब वीर्यपात होने लगता है। सोते समय वीर्यपात होने को नाईट फॉल के नाम से जाना जाता है जिन व्यक्तियों में मानसिक तनाव अधिक मात्रा में होता है, उनमें नाईट फॉल अधिक होने लगता है जिसके कारण को विभिन्न प्रकार की शारीरिक समस्याएं होने लगती हैं।

टेस्टोस्टरॉन सप्लीमेंट के  कारण 

यदि हम अपनी शारीरिक शक्ति बढ़ाने के लिए कुछ ऐसे खाद्य पदार्थों का प्रयोग करते हैं जिनमें प्रोटीन अधिक मात्रा में पाया जाता है या फिर कुछ ऐसे पदार्थ जो टेस्टोस्टेरोन हार्मोन को बढ़ा देते हैं का प्रयोग करते हैं तो हमारे टेस्टिस में शुक्राणुओं का निर्माण तेजी से होने लगता है। अथवा जब हम टेस्टोस्टेरोन हार्मोन बढ़ाने वाले सप्लीमेंट का प्रयोग करते हैं।

तो हमारे टेस्टिस में शुक्राणुओं के साथ-साथ वीर्य का निर्माण तेजी से होने लगता है और जब हम बहुत दिनों तक सेक्स क्रिया नहीं करते हैं तो यह वीर हमारे टेस्टिस में एकत्रित होता रहता है जिसके अधिक हो जाने के कारण जब कभी रात को सोते समय हमारे लिंग में उत्तेजना होती है। जिसके पश्चात वीर्यपात होने लगता है अतः अधिक मात्रा में बिना  सेक्स क्रिया किए हुए टेस्टोस्टरॉन सप्लीमेंट लेने से नाईट फॉल की समस्या होने लगती है।

अधिक एक्टिव ना रहने के कारण

अधिक एक्टिव ना रहने के कारण

यदि आप अधिक मात्रा में बैठकर या लेट कर समय बिताते हैं या फिर आप अधिक मेहनत वाला कोई भी कार्य नहीं करते हैं जिसके कारण आपके शरीर में मोटापे की समस्या होने लगती है अथवा यदि आप किसी भी प्रकार की एक्सरसाइज  या व्यायाम नहीं करते हैं।  जिसके कारण आपका शरीर कम एक्टिव रहता है शरीर के काम एक्टिव रहने के कारण शरीर में विभिन्न प्रकार की बीमारियां होने लगती हैं। इन बीमारियों के कारण नाईट फॉल की समस्या हो सकती है अतः नाइटफाल की समस्या से बचने के लिए दैनिक रूप से व्यायाम तथा एक्सरसाइज करना चाहिए।

नाईट फॉल होने के लक्षण

जैसा कि आप जानते हैं कि नाईट फॉल एक मानसिक बीमारी है जिसके कारण सेक्स एक्टिविटी के परिणाम स्वरूप वीर्यपात की समस्या होती है पाक के पश्चात हमारे शरीर में विभिन्न प्रकार की समस्याएं होने लगती है जिनके कारण हम जान सकते हैं कि हमें नाईट फॉल हुआ है कभी-कभी ऐसा होता है नाईट फॉल हो जाता है और हमें पता नहीं चलता है। नाईट फॉल होने के पश्चात निम्नलिखित लक्षण हो सकते हैं

  • शारीरिक कमजोरी हो जाना
  • नींद अधिक आना।
  • जनानेद्रियों के पास गीलापन महसूस होना। 
  • रात्रि में झटके से नींद का खुल जाना।
  • बिछवाने अथवा ओढ़ने वाली चद्दरो में गीलापन महसूस होना।
  • कपड़ों से दुर्गंध आना। 
  • अंडरगारमेंट पर धब्बे जैसा निशान पड़ना।
  • प्रोस्टेट ग्लैंड से जुड़ी समस्या।
  • पेशाब में जलन
  • जोड़ो एवं कमर में दर्द। 

nightfall medicine (नाईट फॉल की दवा patanjali)

नाईट फॉल की समस्या से बचने के लिए  सबसे पहले अपने मानसिक दशाओं पर नियंत्रण रखने की जरूरत होती है। उसके पश्चात विभिन्न प्रकार की सेक्सुअल एक्टिविटी नहीं करना चाहिए, और किसी की सेक्स पार्टनर के बारे में अधिक समय तक नहीं सोचना चाहिए। इन सभी क्रियाकलापों के पश्चात भी अधिक नाईट फॉल की समस्या लगातार हो रही है तो आपको डॉक्टर से मिलने की आवश्यकता होती है। डॉक्टर आपको कुछ दवाइयों के बारे में जानकारी देंगे और आप उन दवाओं का प्रयोग करते  हुए होने वाली नाईट फॉल की समस्या को ठीक कर सकते हैं।

आज के समय में हर एक युवा किसी ना किसी समय में नेट पर की समस्या से गुजरता है। अक्सर युवाओं में यह समस्या होने लगती है, जिससे युवा इससे परेशान होने लगते हैं। शर्म तथा संकोच के कारण  इस रोग के बारे में वह किसी से परामर्श नहीं लेते हैं और ना ही किसी डॉक्टर के पास जाते हैं ऐसे में वे  कुछ झोलाछाप  डॉक्टरों तथा नीम हकीम चक्कर में पड़कर पैसा तथा समय दोनों बर्बाद करते हैं। किंतु उन्हें कोई फायदा नहीं होता है इन सब से निपटने के लिए आज हम आपको कुछ स्वप्नदोष की रामबाण दवा पतंजलि के बारे में जानकारी देंगे जिससे आप अपनी इस समस्या को ठीक कर सकते हैं। 

  • शतावर चूर्ण (Shatavari Powder)
  • गिलोय घनवटी (giloy ghanvati) 
  • अलोवेरा स्वरस (Aloe Vera juice) 
  • आंवला स्वरस (Amla juice )
  • चंद्रप्रभा वटी (Chandraprabha Vati) 
  • दिव्य मूसली पाक

शतावर चूर्ण (Shatavari Powder)

शतावर चूर्ण

दिव्य शतावरी चूर्ण एंटी डिप्रेशन की तरह कार्य करता है, जिससे मनुष्य के मस्तिष्क का तनाव दूर होता है, और सेक्स करते समय मनुष्य का मस्तिष्क किसी भी प्रकार से के डिप्रेशन में नहीं रहता है। प्राचीन आयुर्वेदिक चिकित्सा में सदियों से इसका उपयोग जीवनशैली को बेहतर बनाने के लिए एक हेल्दी पदार्थ के रूप में किया जाता रहा है। स्वाद में यह कड़वी और मीठी होती है औषधीय गुणों से भरपूर शतावरी खाने में मधुर व तासीर ठंडी होती है। यह एंटीऑक्सीडेंट युक्त है और वात, पित्त कम करती है। शतावरी से स्वप्नदोष कम होता है और शरीर स्वस्थ रहता है शतावर चूर्ण का प्रयोग करने से वीर्य में शुक्राणु की संख्या बढ़ जाती है जिसके कारण पतले वीर्य की समस्या समाप्त हो जाती है और नाईट फॉल नहीं होता है।अतः शतावर चूर्ण का प्रयोग पतले वीर्य की समस्या को दूर करने के लिए भी किया जा सकता है। 

गिलोय घनवटी (giloy ghanvati) 

पतंजलि गिलोय घनवटी

गिलोय चक्कर में पाया जाने वाला एक आयुर्वेदिक पौधा होता है जिसमें बहुत अधिक मात्रा में आयुर्वेदिक औषधीय गुण होते हैं इसका प्रयोग शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए किया जाता है जिन व्यक्तियों में शारीरिक रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो गई होती है जिसके कारण उनको विभिन्न प्रकार की शारीरिक समस्याएं होने लगती हैं इन समस्याओं को दूर करने के लिए गिलोय घन वटी का प्रयोग किया जाता है नाईट फॉल के साथ सब कुछ करने के लिए गिलोय घन वटी का प्रयोग किया जाता है क्योंकि इससे शारीरिक कमजोरी दूर होती है।

नाईट फॉल की समस्या को दूर करने के अलावा अलावा इसका उपयोग कई औषधीय गुण के लिए भी किया जाता हैं। डेंगू में गिलोय का सेवन प्लेटलेट्स कम होने पर किया जाता है, जिससे प्लेटलेट्स बढ़ाने में काफी फायदेमंद होते हैं। इसके अलावा गठिया रोग के लिए भी बहुत फायदेमंद होते हैं। यह डायबिटीज मरीज को ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मदद करता है।

अलोवेरा स्वरस (Aloe Vera juice)

अलोवेरा स्वरस

एलोवेरा प्रकृति में पौधे के रूप में पाया जाता है जिसका प्रयोग विभिन्न प्रकार के औषध निर्माण में प्राचीन काल से ही किया रोजाना एलोवेरा जूस पीने से खून साफ ​​होता है और जोड़ों के दर्द से राहत मिलती है। एलोवेरा जूस आंतों में पानी की मात्रा को बढ़ाने में मदद करता है और कब्ज को रोकता है. एलोवेरा का पौधा पोषक तत्वों से भरपूर होता है एलोवेरा की तासीर ठंडी होने के कारण इसका प्रयोग विभिन्न प्रकार की समस्या को ठीक करने के लिए किया जाता है। एलोवेरा का दैनिक प्रयोग करने से नाईट फॉल की समस्या ठीक हो जाती है क्योंकि इसमें शरीर की विभिन्न समस्याओं को दूर करके शारीरिक शक्ति को बढ़ाने वाले तत्व पाए जाते हैं जिसके कारण हमारे लिंग से वीर्य बात नहीं हो पाता है और हम नाईट फॉल की समस्या से बचे रहते हैं। 

आंवला स्वरस (patanjali medicine for nightfall Amla juice )

आंवला स्वरस

आंवला प्रकाश में पाया जाने वाला एक पौधा होता है जिसके फलों द्वारा विभिन्न प्रकार की दवाओं का निर्माण किया जाता है प्रकृति में पाए जाने वाले आंवले से विटामिन सी पर्याप्त मात्रा में प्राप्त होती है जिससे पेट की समस्याओं को दूर करने के लिए दवाइयां बनाई जाती हैं पेट की समस्याओं के साथ-साथ अन्य समस्याओं के लिए आंवला बहुत ही असरदार होता है  आयरन से भरपूर आंवले को विटामिन सी के साथ-साथ आयरन का भी बेहतरीन सोर्स माना जाता है। अगर आप शरीर में आयरन की कमी से जूझ रहे हैं तो आपको आंवले के जूस का सेवन जरूर करना चाहिए। यह खून की कमी को भी पूरा करने में मदद करता है। आंवले में पर्याप्त मात्रा में आयरन होने के कारण हमारे शरीर की कमजोरी को दूर करता है जिससे हमारे शरीर में होने वाली विभिन्न प्रकार की समस्याएं ठीक हो जाती है शरीर में कमजोरी ना होने के कारण स्वप्नदोष की समस्या से राहत मिलती है जिन व्यक्तियों में नाईट फॉल की समस्या होती है उनको दैनिक रूप से आंवला रस का प्रयोग करना चाहिए आंवला स्वरस का प्रयोग यूरिक एसिड की समस्या को ठीक करने के लिए किया जाता है।

चंद्रप्रभा वटी (Chandraprabha Vati)

चंद्रप्रभा वटी

पतंजलि दिव्य चंद्रप्रभा वटी आयुर्वेदिक दवा है जोकि आंवला, कपूर नगरामुस्तका, अदरक, वाचा, तेजपत्ता, गजा पिपली, अतीश, धनिया, चव्या के मिश्रण से बना हुआ है। जो कि पुरुषों में मर्दाना शक्ति का विस्तार करती है और शीघ्रपतन की समस्या को जड़ से खत्म करती है इसके नियमित रूप के सेवन से पुरुषों में नाईट फॉल की समस्या एकदम से खत्म हो सकती है इसको शरीर में स्फूर्ति उत्पन्न करने के लिए जाना जाता है स्वप्नदोष के उपचार में बेहतर परिणाम के लिए 200 – 400 मिलीग्राम दूध के साथ सुबह शाम लेनी चाहिए और कम से कम 3 महीने तक इसका उपयोग करना चाहिए। चंद्रप्रभा वटी का प्रयोग शारीरिक समस्याओं में और पौरुष शक्ति बढ़ाने तथा शीघ्रपतन जैसी समस्या से बचने के लिए कि किया जाता है।

नाईट फॉल की सबसे अच्छी दवा दिव्य मूसली पाक

पतंजलि आयुर्वेदा द्वारा सफेद मूसली के साथ अन्य आयुर्वेदिक औषधि पदार्थों को मिलाकर दिव्य मूसली का निर्माण किया गया दिव्य मूसली पाक पतंजलि आयुर्वेद द्वारा बनाया गया विभिन्न पदार्थों का मिश्रण के सभी आयुर्वेदिक पदार्थ बहुत ही गुणकारी वाह आयुर्वेदिक तत्वों से भरे होते हैं इनमें गोखरू अश्वगंधा चित्रक अगर करो अकर्करा जायफल तेजपत्ता आज को मिलाकर एक बेस्ट बनाया जाता है। जिसके नियमित सेवन से मूत्र विकारों में लाभ मिलता है। जिन पुरुषों में वीर्य पतला हो जाता है अर्थात शुक्राणुओं की संख्या कम हो जाती है उनके लिए दिव्य मूसली पाक एक आयुर्वेदिक दवा है जिनके नियमित सेवन से आप सबसे अच्छी दवा शुक्राणुओं की संख्या बढ़ाने के लिए किया जाता है। जब पुरुषों में शुक्राणुओं की संख्या अधिक होती है, तो वीर्य गाढ़ा हो जाता है वीर गाढ़ा होने के कारण स्वप्नदोष की समस्या समाप्त हो जाती है, जो कि एक मानसिक कारणों से होने वाली समस्या होती है जिसमें रात को सोते समय वीर्यपात हो जाता है जिसे  नाइट फॉल के नाम से जाना जाता है। 

नाईट फॉल की दवा आयुर्वेदिक

आयुर्वेदिक दवाओं का प्रयोग प्राचीन काल से ही भारत में किया जाता है भारत में विभिन्न प्रकार के आयुर्वेदिक खाद्य पदार्थों का प्रयोग करते हुए प्राचीन काल से ही विभिन्न रोगों को ठीक करने के लिए आयुर्वेदिक दवाओं का प्रयोग किया जाता है यह आयुर्वेदिक दवाएं पेड़ पौधों तथा वनस्पतियों से प्राप्त होती हैं। जिनमें विभिन्न प्रकार के आयुर्वेदिक औषधि गुण होते हैं  नाईट फॉल की समस्या को ठीक करने के लिए नीचे कुछ आयुर्वेदिक दवाओं के नाम दिए गए हैं जिनका प्रयोग डॉक्टर के परामर्श के अनुसार करते हुए स्वप्नदोष से नाईट फॉल की समस्या को ठीक किया जा सकता यह दवाइयां निम्नलिखित हैं।

  • हिमालया कॉन्फीडो टेबलेट ।
  • हिमालय टेन्टेक्स फोर्टे टैबलेट।
  • कैल्शियम- डी 3
  • शुक्र किंग (ShukraKing)
  • कामसुधा योग
  • वीर्यशोधक चूर्ण

इन्हें भी आजमाएं नाईट फॉल की सबसे अच्छी दवा 

  • रोज सुबह गुलाब के तीन ताजा फूलों की कलियों को मिश्री मिलाकर खाना चाहिए, एवं ऊपर से दूध लेना चाहिए।  15 – 20 दिन के प्रयोग से ही रोग खत्म हो जाता है। 
  • एक तोला बबूल का गोंद रोज रात को आध पाव जल में भिगो दें सुबह इसे छानकर एवं 2 तोले मिश्री मिलकर पिजावें नियमित रूप से 21 दिन के प्रयोग से ही स्वप्नप्रमेह ठीक हो जाता है।
  • 10 ग्राम चोपचीनी का चूर्ण में 10 ग्राम पीसी हुई मिश्री मिलाकर रखलें अब नित्य इस चूर्ण को गाय के घी के साथ मिलाकर चाटने से 7 से 8 दिनों में ही लाभ मिलने लगता है।

नाईट फॉल की अंग्रेजी दवा

किसी भी बीमारी को ठीक करने के लिए विभिन्न प्रकार की औषधियों का प्रयोग किया जाता है। इनमें से कुछ औषधियां तुरंत असरदार होती हैं तथा कुछ औषधियों का असर बहुत धीरे-धीरे होता है। जिसमें से आयुर्वेदिक विद्यार्थी गए औषधियों का असर बहुत धीमी गति से शरीर पर होता है और लंबे समय तक रहता है। किसी के विपरीत नाईट फॉल की समस्या को दूर करने के लिए अंग्रेजी दवाइयां उपलब्ध है जिसका असर बहुत जल्दी शरीर पर होता है शीघ्र परिणाम पाने के लिए निम्नलिखित अंग्रेजी दवाओं का प्रयोग किया जा सकता है। जिससे होने वाली नाईट फॉल की समस्या जड़ से समाप्त हो जाती है यह दवाइयां निम्नलिखित हैं।

  • Alprazolam
  • Clonazepam
  • Nitrazepam
  • Potassium bromide
  • Chlorpromazine
  • स्टैफिसैग्रिया

नाईट फॉल के फायदे तथा नुकसान

नाइट फेल होने के हमारे शरीर में बहुत नुकसान होते हैं जिनसे हमारा शरीर बहुत अधिक प्रभावित होता है किसी भी बीमारी के कोई फायदा नहीं होते हैं इसी तरह नाइटफाल के कोई फायदा नहीं है किंतु इसके नुकसान हमारे शरीर पर बहुत अधिक होते हैं नाईट फॉल के प्रभाव के कारण हमारे शरीर में कमजोरी के कारण होने वाली विभिन्न प्रकार की समस्याएं प्रारंभ हो जाती हैं। जिनके कारण हमें विभिन्न प्रकार की बीमारियां हो जाती हैं इन बीमारियों के कारण हमारा शरीर कमजोर हो जाता है। नाइटफाल होने के कुछ  नुकसान निम्नलिखित हैं

नाईट फॉल होने के नुकसान

  • शरीर में कमजोरी हो जाना।
  • चक्कर आना।
  • रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाना।
  • कामेच्छा का कम हो जाना
  • कमजोरी के कारण हाथ पैर में कंपन होना। 
  • घुटनों में दर्द होना।
  • मानसिक तनाव होना। 
  • बालों का अधिक मात्रा में झड़ना।
  • पेट में कब्ज जैसी समस्या हो जाना।
  • खून की कमी हो जाना।
  • स्मरण शक्ति कमजोर हो जाना।

नाईट फॉल की सबसे अच्छी दवा है व्यायाम

नाईट फॉल एक ऐसी समस्या है जिसके कारण हमारे शरीर में अत्यधिक कमजोरी हो जाती है कमजोरी होने के कारण हमारा शरीर विभिन्न प्रकार की बीमारियों का घर हो जाता है, क्योंकि हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए शरीर का स्वस्थ होना बहुत आवश्यक होता है शरीर को स्वस्थ रखने के लिए  हमें दैनिक रूप से  व्यायाम तथा योगाभ्यास करना चाहिए जिन व्यक्तियों में नाईट फॉल की समस्या होती है। उनको दैनिक रूप से व्यायाम करना चाहिए जिससे शरीर स्वस्थ तथा शक्तिवर्धक रहता है जिससे नाईट फॉल की समस्या नहीं होती है। नाईट फॉल की समस्या से बचने के लिए हमको  निम्नलिखित योगाशन करना चाहिए 

  • वज्रासन
  • धनुरासन
  • ध्यान और प्राणायम

निष्कर्ष

नाईट फॉल की समस्या से आज के समय में हर युवा परेशान है क्योंकि आज के बदलते इस सामाजिक जीवन में इंटरनेट और अन्य माध्यमों द्वारा हमें कम उम्र में ही सेक्स से संबंधित विभिन्न प्रकार के क्रियाकलाप देखने को मिल जाते हैं। आज के युवा इंटरनेट पर अश्लील वीडियो देखकर लिंग में उत्तेजना लाते हैं और विभिन्न प्रकार के सेक्सुअल क्रियाकलाप दिमाग में चलते रहते हैं जिनके कारण हमारी सोच वैसे ही हो जाती है इन सबके चलते हमारा दिमाग हमेशा ऐसे ही बातों में खोया रहता है, रात को सोते समय जब हम सो जाते हैं, तो दिल में सोची तथा देखी गई यही सारे क्रियाकलाप हमारे दिमाग में चलते रहते हैं। जिसके कारण  नाईट फॉल की समस्या हो जाती है  जिसे सामान्य भाषा में स्वप्नदोष के नाम से जाना जाता है इन सभी समस्याओं से बचने के लिए उपरोक्त लेख में कुछ पतंजलि नाईट फॉल मेडिसिन की जानकारी दी गई है जिनको प्रयोग करके नाईट फॉल की समस्या से बचा जा सकता है।

FAQ

नाईट फॉल की दवा क्या है?

नाईट फॉल एक ऐसी समस्या है जो मानसिक सोच के कारण होती है इसका शारीरिक कमियों से कम किंतु मानसिक  सोच से लगाओ ज्यादा होता है नाईट फॉल की समस्या को ठीक करने के लिए उपरोक्त लेख में विभिन्न प्रकार की दवाओं का वर्णन किया गया है इन दवाओं का प्रयोग करते हुए अब नाइट पर इस समस्या से छुटकारा पा सकते हैं।

स्वप्नदोष रोकने के लिए क्या खाएं?

स्वप्नदोष को रोकने के लिए पहले अपनी मानसिकता पर कंट्रोल रखें पोर्न वीडियो  ना देखें तथा सेक्सुअल एक्टिविटी ना करें  ऐसा करने से स्वप्नदोष जैसे बीमारी को बढ़ावा मिलता है यदि आप ऐसा करना बंद कर देते हैं तो 90% बीमारी समाप्त हो जाती है। स्वप्नदोष की समस्या को ठीक करने के लिए उपरोक्त लेख में विभिन्न प्रकार की औषधियों का वर्णन किया गया है। जिनके प्रयोग से स्वप्नदोष की समस्या को ठीक किया जा सकता है इसके साथ-साथ शरीर को शक्ति देने वाले हरी सब्जियां तथा फलों के प्रयोग से स्वप्नदोष ठीक हो जाता है।

स्वप्नदोष कितनी उम्र तक होता है?

स्वप्नदोष एक ऐसी बीमारी है जो पर्याप्त मात्रा में सेक्स क्रिया ना करने के कारण होने वाली मानसिक सोच के कारण हो रही है। जिसके कारण हम अनैतिक रूप से सेक्स क्रियाओं के बारे में सोचते रहते हैं इस ऐसी सोच के कारण ही स्वप्नदोष जैसी समस्या होती है। इसलिए शादी के पूर्व तक स्वप्नदोष के समस्या अधिक मात्रा में की है अर्थात 20 से 30 की उम्र के नौजवानों में स्वपनदोष के बीमारी देखने को अधिक मात्रा में मिलती है।