पथरी की देशी दवा | रामबाण देशी इलाज 

आजकल के अनियंत्रित जीवनशैली और बेतरतीब खानपान की आदत के कारण ही पथरी जैसी बीमारी आपको घेर लेती है। वर्तमान में बहुत बड़ी संख्या में लोग पथरी के शिकार हो रहे हैं। पथरी से पीड़ित हो जाने के बाद पेट में हमेशा असहनीय दर्द बना रहता है। जिससे  शरीर में बहुत सारी और भी दिक्कतें पैदा होने लगती हैं। अगर पथरी छोटी है तो धीमे-धीमे मूत्र विसर्जन के समय निकल जाती है । पथरी के बड़े हो जाने के कारण शरीर पर बहुत ही बुरा प्रभाव पड़ने लगता है। छोटी पथरी को भी पेशाब के रास्ते बाहर निकालने के लिए दवाओं का सहारा लेना पड़ता है और पथरी के इलाज के लिए बहुत सी पथरी तोड़ने की दवा है।

जिनके सेवन से पथरी को तोड़ने में मदद मिलती है और पथरी धीमे धीमे बाहर होने लगती है। जब आपके शरीर में ब्लड फिल्ट्रेशन के समय सोडियम,कैल्शियम और अन्य मिनरल्स बहुत ही बारीक टुकड़ों में ब्लैडर तक पहुंच कर पेशाब के रास्ते बाहर निकल जाते हैं । लेकिन जब इन तत्वों की मात्रा बढ़ जाती है। तब यह पत्थर के आकार ले लेते हैं और किडनी में जमा हो जाते है। इसी वजह से किडनी में पथरी जम जाती है। जो की पेशाब करते समय बाहर नहीं निकलती है और वह बहुत ही समस्या खड़ी करती है।

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पथरी होने के प्रमुख कारण 

अक्सर लोगों में देखा गया है कि उनके गैर जिम्मेदाराना रवैया और ठीक ढंग से खाने पीने की आदत ना होने और अपने शरीर का ध्यान ना रखने से पथरी जैसे मर्ज से पीड़ित हो जाते हैं। जब किसी भी मनुष्य के अंदर पेशाब में कुछ खास रसायनिक तत्व ना मिलने के कारण ही उनके अंदर पथरी बनने लगती है नहीं तो जिसके  मूत्र  में वह खास  रसायनिक  तत्व  मिलते हैं  तो उन तत्वों  के वजह से उनके अंदर पथरी नहीं बनती। पथरी के कारणों को जानने और समझने के बाद को जन्म देने वाले कारणों से बचाव करने और उनका सही इलाज करने से पथरी जैसे मर्ज को मात दी जा सकती है। क्योंकि पथरी के मर्ज में दवाओं से ज्यादा परहेज पर ध्यान देने  से पथरी को बहुत ही आसानी से खत्म किया जा सकता है। आइए जानते हैं पथरी होने के कुछ प्रमुख कारणों के बारे में।

  • पेशाब के रास्ते में संक्रमण होना
  •  पेशाब को बहुत देर तक रुक कर रखना
  •  कैल्शियम की दवाओं का अधिक सेवन करना
  •  खाना खाने के बाद तुरंत लेट जाना
  •  बहुत कम पानी पीना

पथरी को पहचानने के लक्षण 

जब किसी को भी पथरी हो जाती है। तो उनके अंदर बहुत सारे ऐसे लक्षण दिखने लगते हैं। जिससे यह पता चलता है की पथरी जैसी बीमारी उनके अंदर जन्म ले रही है। बहुत से लोग पथरी होने के शुरुआती समय में जान नहीं पाते हैं। जिस वजह से उनकी पथरी बड़ा रूप ले लेती है और वह बाद में जाकर बहुत ही असहनीय दर्द और अन्य दिक्कतों की वजह बनती है। इसलिए इसके लक्षणों को पहचानना बेहद जरूरी है। जिससे आप इसके शुरुआती समय में ही इसका इलाज करा सकें। जिससे आपको ज्यादा दिक्कतों का सामना ना करना पड़े ।

  • पेशाब करते समय जलन होना
  • पेशाब में खून आना
  • अचानक पेशाब का रुक जाना
  • कुछ भी खाने के बाद तुरंत उल्टी हो जाना
  • बराबर पीठ और पेट में दर्द रहना 
  • अचानक से पेट में दर्द शुरू हो जाना
  • पेडू में दर्द होना
  • पेशाब करते समय दर्द होना

पथरी तोड़ने की दवा आयुर्वेदिक

पथरी की समस्या को दूर करने के लिए आयुर्वेद में भी बहुत सी औषधियां मौजूद है । जिसके इस्तेमाल से पथरी को दूर किया जा सकता है। पथरी की समस्या ज्यादातर उन लोगों में मिलती है। जो बहुत कम मात्रा में पानी पीते हैं और उनकी शारीरिक गतिविधियां बहुत ही सीमित मात्रा में होती है। इसलिए उनके शरीर में खाने के कुछ कण गुर्दे में इकट्ठा होने लगते हैं और वह आगे चलकर पथरी का रूप ले लेते हैं। इसलिए दवा के इस्तेमाल के साथ शारीरिक गतिविधियां करना जरूरी है। पथरी की समस्या से निजात पाने के लिए आयुर्वेदिक दवाओं को ज्यादातर लोग इसलिए इस्तेमाल करतें हैं। क्योंकि आयुर्वेदिक दवाओं का बहुत ही ना के बराबर साइड इफेक्ट देखने को मिलता है। जिससे अन्य बीमारी नहीं पैदा होती हैं और पथरी के इलाज के लिए आयुर्वेदिक दवा सबसे कारगर दवा मानी जाती है।

  • वरुणादी वटी 
  • मूत्रक्रीचंतक चूर्ण 
  • पुनर्नवा मंडूर 
  • दारुहल्दी घन 
  • दिव्य अश्मरीहर रस 
  • दिव्य वृक्कदोषहर क्वाथ 
  • दिव्य लिथोम 
  • दिव्य हजरुल यहूद भस्म 
  • दिव्य श्वेत पर्पटी 
  • दिव्य गोखरू क्वाथ 
  • दिव्य गोक्षुरादि गुग्गल 

1. वरुणादि वटी

वरुणादि वटी को मुख्यतः यूरिन इन्फेक्शन,गुर्दे में संक्रमण,पथरी और गैस को जड़ से खत्म करने की दवा के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। इस दवा को गोखरू,गूग्गल,पुनर्नवा,वरुण जैसी आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों के मिश्रण से बनाया गया है। यह सभी आयुर्वेदिक जड़ी बूटियां शरीर में पथरी को बनने से रोकने में बहुत ही लाभकारी दवा है। इस दवा को पथरी के दर्द से निजात पाने के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है। यह पथरी की देशी दवा शरीर में पथरी को कई टुकड़ों में विभाजित कर देती है।  जिससे की पथरी धीमे-धीमे और मूत्र के जरिए बाहर निकलने लगती हैं। 

पथरी की देशी दवा

2. मूत्रक्रीचंतक चूर्ण

इस दवा को सबसे ज्यादा गुर्दे की पथरी के इलाज के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इस दवा में गोखरू,अपामार्ग ,कासनी ,पुनर्नवा,वरुण,भूमयालकी,शिरीष जैसी अत्यंत गुणकारी आयुर्वेदिक औषधियों के मिश्रण से तैयार किया गया है। यह सभी औषधियां पथरी को ना बनने और पथरी को बाहर निकालने में बहुत ही कारगर दवा है। इस दवा को 10 ग्राम की मात्रा में गुनगुने पानी के साथ दिन में दो बार ले सकते हैं। इस दवा के बेहतर परिणाम के लिए इसका लंबी अवधि तक उपचार करना आवश्यक है।

पथरी की देशी दवा

3. पुनर्नवा मंडूर

पथरी की दवा जड़ी बूटी पुनर्नवा मंडूर पथरी रोग, किडनी रोग,मूत्र संबंधित समस्या के उपचार के लिए सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है और इसके सेवन से यह सभी समस्याएं बहुत जल्द खत्म हो जाती है। इस दवा को पुनर्नवा,काली  मिर्च,हरीतकी,बहेड़ा,दांती,मंडूर भस्म जैसी अत्यंत लाभकारी औषधियों के मिश्रण से बनाया गया है। इस दवा के सेवन से शरीर में जम रहे ऐसे कड़ों को बाहर निकालने के लिए इस दवा का इस्तेमाल किया जाता है।

पथरी की देशी दवा

4. दारुहल्दी घन

दारू हल्दी घन एक कांटेदार वृक्ष से बनी हुई दवा है। इस दवा के सेवन से पेट से संबंधित समस्याओं का निवारण होता है। पेट में पथरी ना होने के लिए पेट से संबंधित समस्याओं को दूर करना बेहद आवश्यक है। क्योंकि जब तक खाना सही से नहीं पचेगा तब तक वह पेट में इकट्ठा होकर किसी न किसी रूप में पथरी की समस्या को जन्म देता रहेगा। जिससे पथरी की समस्या दूर नहीं होगी। इसीलिए दारूहल्दी को नींबू के रस गुरिच के रस,शहद के साथ भी इसका सेवन कर सकते हैं। 

दारुहल्दी घन

5 . दिव्य अश्मरीहर रस 

पतंजलि दिव्य अशमरिहर रस पथरी को तोड़ने के लिए बहुत ही उपयोगी दवा है। इस दवा को पथरी से हो रहे मूत्र संबंधी रोग में राहत दिलाने इस्तेमाल किया जा सकता है।  इस रस को बहुत सी आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों और प्राकृतिक अर्क के मिश्रण को बनाया गया है। यह  शरीर से बहुत सारे  विषैले पदार्थों को बाहर निकालने में मददगार साबित होता है । इस दवा को पथरी की समस्या में तत्काल निवारण के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।  यह यवक्षर,हजरुल यहूद भस्म,मूलिकशर व कलमी शोरा जैसी जड़ी बूटियों के मिश्रण से बनी हुई है।

पथरी की देशी दवा

6. दिव्य वृक्कदोषहर क्वाथ 

दिव्य वृक्कदोषहर क्वाथ किडनी के स्टोन को तोड़ने के लिए रामबाण दवा है। इस दवा में पाषाणभेद,गोखरू,पुनर्नवा मूल,कुलथी ,वरुणांचल  जैसी आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों का मिश्रण पाया जाता है। इसके सेवन से शरीर में पथरी बनना बंद हो जाती है इस दवा को पित्त की पथरी के इलाज के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है। इस दवा को 10 ग्राम लेकर आधा लीटर पानी में इतना उबालें की यह सिर्फ 100 मिलीलीटर ही बचें फिर इसके पश्चात इसको छान कर खाना खाने से पहले खाली पेट लिया जा सकता है। 

पथरी की देशी दवा

7.दिव्य लिथोम 

पथरी की समस्या से निदान के लिए दिव्य लिथोम को भी इस्तेमाल किया जा सकता है। यह दवा गोखरू,पाषाणभेद,पुनर्नवा जैसी जड़ी बूटियों के मिश्रण से निर्मित है। pathri ki dava के सेवन से पथरी के कारण पेट में हो रहे दर्द और जलन से भी राहत मिलती है। पथरी के कारण पेशाब के रास्ते में हो रहे जलन और दर्द से राहत के लिए भी इस दवा को इस्तेमाल किया जा सकता है। इस दवा को आप दिन में दो बार ले सकते हैं। जिससे कि आपकी पथरी जल्द छोटे टुकड़ों में टूट कर पेशाब के रास्ते बाहर निकल जाती है।

पथरी की देशी दवा

8. दिव्य हजरुल यहूद भस्म

दिव्य हजरुल यहूद भस्म पथरी से संबंधित समस्याओं के निदान के लिए पतंजलि द्वारा तैयार किया गया उत्पाद है। इस दवा के सेवन से आपके जीवन शैली में हो रहे अनियंत्रित और बेतरतीब खानपान को विषैले पदार्थों की तरह शरीर से बाहर निकालने में यह लाभकारी दवा है। अनियंत्रित और बेतरतीब खानपान की वजह से ही शरीर में पथरी जैसी समस्या जन्म लेती है। यह दवा हर्बल पौधों के संयोजन से बनी हुई है। इस दवा को पथरी के कारण हो रहे पेट में जलन और दर्द के लिए भी  इस्तेमाल किया जा सकता है। क्योंकि यह शरीर में मौजूद विषैले पदार्थों को बाहर निकालकर शरीर को  डिटॉक्स करने का काम करती है।

पथरी की देशी दवा

9. दिव्य श्वेत पर्पटी 

पतंजलि द्वारा दिव्य श्वेत पर्पटी को पुरानी पद्धति के द्वारा तैयार किया गया है। जोकि पथरी से उत्पन्न हुई मूत्राशय के गंभीर समस्या को दूर करने के लिए बनाया गया है। इस दवा के इस्तेमाल से आपके अंदर मूत्र संबंधित सभी समस्याएं दूर हो जाएंगी। जिससे की आपके पथरी टूटने के बाद आसानी से पेशाब के रास्ते से निकल सकती है। इसमें बहुत सारी आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों का मिश्रण है। इस दवा में पोटेशियम नाइट्रेट, फिटकरी और अमोनियम क्लोराइड की मात्रा भी पाई जाती है। जोकी शरीर में अतिरिक्त मात्रा में पाए जाने वाले पानी को मूत्र के रूप में बाहर निकालने में कारगर होता है।

पथरी की देशी दवा

10. दिव्य गोखरू क्वाथ

दिव्य गोखरू क्वाथ गोखरू से बनी हुई आयुर्वेदिक pathri ki dava है। जो कि पथरी की समस्या,गुर्दे में पथरी के लक्षण,मूत्र संबंधी रोग के उपचार के लिए उपयोग की जाती है। इसके सेवन से  यह सभी रोग  बहुत ही जल्दी और आसानी से खत्म हो जाते हैं। इस दवा को एक कप पानी में 10 ग्राम क्वाथ लेकर उबाल लें और इसको आधा जल जाने तक उबालें उसके पश्चात इसको छान कर इसका सेवन कर सकतें हैं।

पथरी की देशी दवा

11. दिव्य गोक्षुरादि गुग्गल 

गोक्षुरादि गुग्गल को पतंजलि द्वारा तैयार किया गया है जोकि गूग्गल,गोखरू,आंवला,बहेड़ा जैसी आयुर्वेदिक औषधियों के मिश्रण से बनी हुई है। इसको पथरी की समस्या के लिए सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है। यूरिक एसिड की रामबाण दवा पतंजलि दिव्य गोक्षुरादि गुग्गल के इस्तेमाल से यूरिक एसिड की समस्या का भी निदान हो जाता है। इसके सेवन से किडनी भी मजबूत होती है। इस दवा को खाना खाने के बाद दो-दो गोली सुबह शाम में लिया जा सकता है।

पथरी की देशी दवा

पथरी के इलाज के लिए घरेलू उपाय 

 अगर हम किसी भी मर्ज के लिए घरेलू उपाय की बात करें तो ज्यादातर घरेलू उपाय हर मर्ज के लिए उपलब्ध रहते हैं। जिससे कि उस मर्ज का बहुत ही आसानी से इलाज हो सकता है। उसी तरह से आज हम आपको पथरी के इलाज के लिए भी कुछ घरेलू उपायों के बारे में बताना चाहेंगे। क्योंकि बहुत से घरेलू उपाय हैं जोकि हमारे इर्द-गिर्द ही रहते हैं। लेकिन हम उन्हें जान और पहचान नहीं पाते हैं या फिर उनके गुणों के बारे में हमें जानकारी नहीं होती है।

इसलिए हम उसका सही इस्तेमाल नहीं कर पातें हैं। हम अपने  दैनिक भोजन में बहुत से ऐसे खाद्य पदार्थ शामिल किए जा सकते हैं। जो की पथरी के मरीज के लिए बहुत ही लाभकारी साबित हो सकते हैं और इनके सेवन से पथरी बहुत जल्द खत्म भी हो सकती है। तो इसीलिए ऐसे खाद्य पदार्थों एवं घरेलू उपचारों के बारे में जानना बेहद आवश्यक है। जिससे कि हम अपने या अपने किसी जान पहचान वालों के अंदर जन्म ले रही पथरी के मर्ज को घरेलू विधि के द्वारा ही निस्तारित कर सकते हैं। 

  • नींबू का रस
  • जैतून का तेल
  • सेब का सिरका 
  • अनार का जूस 
  • इलायची मिश्री और खरबूजे के बीज के मिश्रण का सेवन
  • पत्थरचट्टा का जूस 

निष्कर्ष 

इस लेख के माध्यम से पथरी के इलाज के बारे में बहुत सी ऐसी जानकारियां प्रदान की गई है। जिससे कि आप को पथरी के इलाज में बहुत ही सहायता मिल सकती है। पथरी होने के प्रमुख कारणों के बारे में उसके लक्षणों के बारे में और उसके इलाज के लिए सबसे कारगर आयुर्वेदिक औषधियों के बारे में एवं पथरी के इलाज के लिए बहुत से घरेलू उपाय मौजूद है। जिनके इस्तेमाल से पथरी के मरीज को ठीक कर सकते हैं। ऐसे घरेलू उपायों के बारे में भी बताया गया है।

पथरी की समस्या आजकल हर उम्र के लोगों में देखने को मिल सकती है। क्योंकि यह समस्या अनियंत्रित जीवनशैली और पोषण रहित खानपान की वजह से हो रही है। इस समस्या को जन्म देने के लिए सबसे ज्यादा शारीरिक गतिविधियां ना होने को माना जाता है। क्योंकि शरीरिक गतिविधियां होने से ही खाना पचना शुरू हो जाता है। जिससे शरीर में खाने के कण कहीं रुकने नहीं पाते हैं और मल के रास्ते बाहर निकल जाते हैं इस लेख में मौजूद बहुत सी ऐसी आयुर्वेदिक दवायें बताई गई है जिनके सेवन और मात्रा के बारे में आप अपनी जरूरत अनुसार किसी चिकित्सक से भी  परामर्श कर सकते हैं।

ज्यादा पूछे जाने वाले प्रश्न एवं उनके उत्तर 

प्रश्न:नींबू से पथरी का इलाज कैसे किया जाता है ?

उत्तर- नींबू  के रस में एक कटोरी दही मिलाकर इसके नियमित सेवन से पथरी का मर्ज ठीक हो सकता है ।

 प्रश्न: पथरी में क्या परहेज करना चाहिए?

उत्तर-   पथरी के मर्ज में मांस, मछली, कोल्ड ड्रिंक्स से परहेज करना चाहिए। 

प्रश्न:पथरी होने पर कौन सा फल खाना चाहिए?

उत्तर- पथरी होने पर सबसे ज्यादा पानी वाले और खट्टे फल खाने चाहिए जैसे कि तरबूज,संतरा,अनार आदि। 

प्रश्न: पथरी के लिए कौन सा जूस पीना चाहिए ?

उत्तर- पथरी के लिए तुलसी के पत्ते का जूस,टमाटर का जूस,राजमा का जूस,नींबू दही का जूस,खीरे का जूस और अनार का जूस पीना चाहिए।

प्रश्न:पथरी की जड़ी बूटी कौन सी है?

उत्तर- पथरी की देशी दवा पुनर्नवा पथरी के लिए सबसे कारगर जड़ी बूटी है।

प्रश्न:पेशाब की नली में पथरी फस जाए तो क्या करें?

उत्तर- पेशाब की नली में पथरी फंस जाए तो सबसे पहले आपको केले में पिपरमेंट मिलाकर खा लेना चाहिए। जिससे की  पेशाब की नली में फंसी पथरी बाहर निकल जाती है।

प्रश्न: पथरी के लिए सबसे अच्छी दवा कौन सी है?

उत्तर- पथरी के लिए सबसे अच्छी दवा यू.आर.ओ 05 है। लेकिन यह दवा एलोपैथिक है अगर आप आयुर्वेदिक दवा का सेवन करना चाहे तो सबसे अच्छी आयुर्वेदिक दवा पुनर्नवा मंडूर है।

प्रश्न: क्या पथरी जानलेवा है ?

उत्तर- किडनी में पथरी जानलेवा साबित हो सकती है क्योंकि अधिकतर किडनी की पथरी को निकालना बहुत ही कठिन है अगर यह किडनी से बाहर ना आए तो पथरी जानलेवा हो सकती है। 

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