लिवर का रामबाण इलाज

खान-पान के शौक़ीन लोगों को अक्सर पेट सम्बंधित समस्याएं होती रहती हैं। ऐसा होने पर लिवर (liver) खराब होने की समस्या होना आम है। फैटी लिवर, सूजन, लिवर इन्फेक्शन आदि होना लिवर की कुछ आम बीमारियां है। लिवर खराब होने पर शरीर को कुछ संकेत मिलने लगते हैं। यह शरीर में भोजन पचाने से लेकर पित्त बनाने तक का काम करता है लिवर पूरे शरीर को डिटॉक्स करता है  लीवर शरीर को संक्रमण से लड़ने, रक्त शर्करा को नियंत्रित करने, शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकालने, वसा को कम करने और कार्बोहाइड्रेट को स्टोर करने और प्रोटीन बनाने में मदद करता है।लीवर के विभिन्न प्रकार के समस्याओं से बचने के लिए आज हम आपको लिवर का रामबाण इलाज की जानकारी देंगे  जिससे आप लीवर में होने वाली सभी समस्याओं से छुटकारा पा सकते हैं।

लीवर के कार्य

लीवर मानव शरीर का  बहुत ही उपयोगी अंग है इसका प्रमुख  कार्य शरीर के पाचन में सहायता करना होता है मनुष्य के शरीर में लिवर के स्वस्थ रहने से भोजन का पाचन सामान्य रूप से होता रहता है जिससे हमारे शरीर को पर्याप्त ऊर्जा मिलती रहती है और हमारा शरीर को सभी पोषक तत्व प्राप्त होते रहते हैं जिस कारण हमारे शरीर को विभिन्न प्रकार के रोगों  से लड़ने के लिए पर्याप्त प्रतिरोधक क्षमता प्राप्त होती रहती हैं जिससे हमारे शरीर में विभिन्न प्रकार की बीमारियां नहीं होती और हमारा शरीर स्वस्थ रहता है अतः हमारे शरीर के स्वस्थ रहने के लिए हमारे लिए लीवर का स्वस्थ होना बहुत आवश्यक है। लीवर के प्रमुख कार्य निम्नलिखित हैं

  • लिवर शरीर को संक्रमण से लड़ने के लिए तैयार करता है।  
  • ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में मदद करता है। 
  • शरीर से विषैले पदार्थो को निकालने का कार्य करता है। 
  • फैट को कम करने का कार्य करता है। 
  • कार्बोहाइड्रेट को स्टोर करने का कार्य करता है। 
  • प्रोटीन बनाने में मदद करता है।

 लिवर खराब होने के लक्षण

लिवर खराब होने से हमारे शरीर में विभिन्न प्रकार के बदलाव आने लगते हैं हमारा शरीर कमजोरी महसूस करने लगता है और किसी भी कार्य में मन नहीं लगता है। शरीर का वजन घटने लगता है जब हमारा लीवर भोजन की पाचन क्रिया में बराबर सहयोग नहीं करता है तो  शरीर को पर्याप्त मात्रा में पाचक रस नहीं  प्राप्त होता है जिससे हमारा भोजन पर्याप्त मात्रा में पच नहीं पाता है और हमारे शरीर को  पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्व नहीं मिल पाते हैं जिसके कारण हमारे शरीर में कमजोरी होने लगती है। और हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है जिसके कारण हमारा शरीर होने वाले विभिन्न प्रकार के रोगों से लड़ने में असमर्थ हो जाता है और शरीर विभिन्न प्रकार के रोगों से ग्रसित हो जाता है। लिवर खराब होने के निम्नलिखित लक्षण हैं

  • पेट में दर्द होना। 
  • आँखों के नीचे काले धब्बे। 
  • मुँह से बदबू आना। 
  • अपच की शिकायत होना। 
  • अचानक वजन का अस्थिर होना। 
  • त्वचा पर सफ़ेद धब्बे पड़ना। 
  • पेशाब का रंग पीला होना। 
  • मल का रंग गहरा होना। 

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लिवर खराब होने के कारण

लिवर खराब होने का  मुख्य कारण हमारा खान पान तथा रहन-सहन है। आज के इस समय में हमारे भोजन में विभिन्न प्रकार की मिलावटे पाई जाती हैं। आज के इस प्रदूषित वातावरण के कारण हमारा खान पान भी प्रदूषित हो गया है प्राकृतिक रूप से उगने वाले फल तथा सब्जियों में विभिन्न प्रकार के रासायनिक पदार्थों का प्रयोग करके उनकी वृध्दि में अधिकता करके सब्जियों या फलों को अति शीघ्र तैयार किया जाता है समय से पहले तैयार हुए यह फल और सब्जियां बहुत अधिक मात्रा में विषैले रासायनिक पदार्थों से भरे होते हैं प्राकृतिक होने के कारण भी इनके अंदर विभिन्न प्रकार के रासायनिक बदलाव होने के कारण यह हमारे शरीर के लिए बहुत ही नुकसानदायक होते हैं।

इसके साथ साथ आज के इस समय में खाने पीने की चीजों में अधिकतर हम फास्ट फूड का प्रयोग करते हैं जिसमें मैदा और खराब फैट की मात्रा बहुत अधिक होती है  जिनके लगातार सेवन से हमारे शरीर में लीवर के चारों तरफ वसा की एक परत बन जाती है। जिससे हमारा लिवर फैटी हो जाता है और उसमें विभिन्न प्रकार के इंफेक्शन होने लगते हैं जिसके कारण  वह सही से कार्य नहीं करता है। और हमारी सभी शरीर की क्रियाएं धीरे होने लगती है जिससे शरीर कमजोर होने लगता है और हमारे सभी प्रकार के  रोग घेर लेते हैं  लीवर के खराब होने के निम्नलिखित कारण है

  • बहुत अधिक मात्रा में दूषित भोजन करना।
  • फैट से बनी हुई वस्तुओं का प्रयोग अधिक मात्रा में करना।
  • मैदे से बनी वस्तुओं का प्रयोग ज्यादा मात्रा में करना।
  • बाजार में उपलब्ध फास्ट फूड का प्रयोग अधिक मात्रा में करना।
  • वायरल हेपेटाइटिस से ग्रसित होना।  
  • सिरोसिस हो जाना।  
  • ज्यादा मात्र में शराब का सेवन करना।  
  • ज्यादा तली-भुनी और मसालेदार खाना खाना।
  • अत्यधिक शराब पीना।
  • आनुवांशिकता।
  • मोटापा।
  • रक्त में वसा का स्तर ज्यादा होना।
  • मधुमेह या डायबिटीज।
  • स्टेरॉयड, एस्पिरीन या ट्रेटासिलीन जैसी दवाइयों का लम्बे समय तक सेवन।
  • पीने के पानी में क्लोरीन की अत्यधिक मात्रा।
  • वायरल हेपाटाइटिस। 

लिवर का रामबाण इलाज

शरीर को स्वस्थ बनाने के लिए लीवर का स्वस्थ होना बहुत ही आवश्यक है यदि हमारा भी है स्वस्थ रहता है हमारे शरीर की पाचन क्रिया सही तरीके से होती रहती हैं। पाचन क्रिया से प्राप्त पाचक रसों में विभिन्न प्रकार के पोषक तत्व पाए जाते हैं इसके कारण हमारा शरीर  पोषण प्राप्त करता रहता है और विभिन्न प्रकार के लोगों से लड़ता रहता है हिंदू लीवर के खराब हो जाने के कारण हमारे शरीर को पर्याप्त पोषण नहीं मिल पाता है जिससे हमारा शरीर बीमार रहने लगता है और बीमार होने के कारण इसमें विभिन्न प्रकार के रोग हो जाते हैं। इसलिए हमारे लीवर का स्वस्थ होना बहुत आवश्यक है लिवर को स्वस्थ रखने के लिए बाजार में निम्नलिखित प्रकार की दवाइयां उपलब्ध हैं

  • लिवर का रामबाण इलाज पतंजलि
  • फैटी लीवर की अंग्रेजी दवा
  • लीवर की आयुर्वेदिक दवा
  • लीवर के घरेलू उपचार 

लिवर का रामबाण इलाज पतंजलि

भारत में पतंजलि आयुर्वेदिक दवाओं की एक बहुत बड़ी संस्था है जो प्राचीन वेद तथा पुराणों के नाम से आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों द्वारा दिव्य फार्मेसी की सहायता से विभिन्न प्रकार के रोगों से लड़ने के लिए आयुर्वेदिक दवाओं का निर्माण करती है। यह दवाइयां पूर्ण रूप से आयुर्वेदिक तत्वों द्वारा बनाई जाती हैं  जीनका शरीर पर कोई भी साइड इफेक्ट नहीं होता है तथा यह पूर्ण रूप से सुरक्षित तथा लाभकारी होती हैं। इनके दैनिक प्रयोग से लीवर को निश्चित रूप से ही ठीक किया जा सकता है तो आज हम आपको कुछ पतंजलि द्वारा बनाई गई लीवर की रामबाण औषधि के बारे में बताएंगे जिन की जानकारी से आप अपने लिवर को स्वस्थ और मजबूत बना सकते हैं। यह दवाइयां निम्नलिखित

  • Patanjali Liv D 38 सिरप
  • पतंजलि दिव्या लिवग्रिट टैबलेट
  • पतंजलि सर्वकल्प क्वाथ 
  • पतंजलि आंवला स्वरस
  • पतंजलि लिव अमृत टेबलेट्स
  • पतंजलि लिव गोवेर्धन अर्क
  • पतंजलि पुनर्नवारिष्ट
  • पतंजलि बेल मुरब्बा 

Patanjali Liv D 38 सिरप

Patanjali Liv D 38 सिरप प्रयोग लेबर के विभिन्न प्रकार के कार्यों के लिए किया जाता है या फिर से संबंधित अन्य बीमारियों के लिए भी किया जाता है। इस सिरप के मुख्य घटक गिलोय अर्जुन और नेपाली हैं इसमें शरीर के लिए भोजन को पचाने में मदद करने वाले इंजेक्शन करने की पर्याप्त क्षमता होती है। इस सिरप का प्रयोग फैटी लीवर को ठीक करने के लिए किया जाता है यदि आप लीवर की समस्याओं से परेशान हैं, तो दैनिक रूप सेPatanjali Liv D 38 सिरप का प्रयोग करना चाहिए पेट के अन्य विकारों के लिए भी इस सिरप का प्रयोग किया जा सकता है जिसमें कब्ज गैस तथा एसिडिटी आदि शामिल हैं पतंजलि की इस सिरप का लगातार प्रयोग करते हुए लीवर की सभी समस्याओं से छुटकारा पाया जा सकता है यदि यदि आपका लीवर सही तरीके से कार्य नहीं कर रहा है लीवर की वजह से आपकी पाचन क्रिया खराब हो गई है इसके लिए दैनिक रूप से सुबह-शाम डॉक्टर के बताया गया परामर्श के अनुसार आप इस सिरप का प्रयोग कर सकते हैं इसे रब के कोई भी साइड इफेक्ट नहीं है। यह पूर्ण रूप से आयुर्वेदिक है तथा लीवर की प्रत्येक समस्या के लिए एक रामबाण औषधि है इसका निर्माण पतंजलि आयुर्वेद द्वारा विभिन्न प्रकार की आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों के मिश्रण से किया गया है यह आयुर्वेदिक तत्व पूर्ण रूप से आयुर्वेदिक तथा औषधीय होते हैं। जिनका मानव शरीर पर कोई भी साइड इफेक्ट नहीं होता है

Patanjali Liv D 38 सिरप

Patanjali Liv D 38 सिरप विधि तथा फायदे
  • Patanjali Liv D 38 सिरप प्रयोग सुबह शाम करना चाहिए।
  • वयस्क को एक चम्मच सुबह एक चम्मच शाम Patanjali Liv D 38 सिरप का प्रयोग करना चाहिए।
  • पेट में लिवर की खराबी के लिए Patanjali Liv D 38 सिरप सैनिक रूप से प्रयोग करना चाहिए।
  • की समस्या दूर करने के लिए दैनिक रूप से Patanjali Liv D 38 सिरप प्रयोग करना चाहिए।
  • Patanjali Liv D 38 सिरप का प्रयोग गैस की समस्या को ठीक करने के लिए किया जा सकता है।
  • Patanjali Liv D 38 सिरप का प्रयोग पाचन क्रिया में लीवर के फंक्शन को ठीक करने के लिए किया जाता है।
  • लीवर संबंधित अन्य समस्याओं के लिए Patanjali Liv D 38 सिरप का प्रयोग दैनिक रूप से करना चाहिए।

पतंजलि दिव्या लिवग्रिट टैबलेट

पतंजलि दिव्या लिवग्रिट टैबलेट का निर्माण पतंजलि आयुर्वेद द्वारा किया गया है। इस टैबलेट में विभिन्न प्रकार के आयुर्वेदिक तत्वों का प्रयोग किया गया है जो पूर्ण रूप से शरीर के लिए सुरक्षित हैं पतंजलि दिव्या लिवग्रिट टैबलेट आपसे मुख्य रूप से लिवर फंक्शन के लिए बनाई गई है। यदि आपका लीवर खराब हो गया है या फिर लीवर द्वारा पाचन क्रिया में समस्या हो रही हैं, तो आपको दैनिक रूप सेपतंजलि दिव्या लिवग्रिट टैबलेट का प्रयोग करना चाहिए यह पाचन क्रिया में लीवर द्वारा बनने वाले एंजाइमस को उत्पन्न करने में सहायता करती है। जिससे लीवर पर्याप्त मात्रा में पाचन क्रिया में सहायक इंजॉय उसको स्रावित करता है और पाचन क्रिया में संपूर्ण रूप से भाग लेता है लीवर के पर्याप्त रूप से पाचन क्रिया में भाग लेने के कारण पाचन क्रिया अच्छी होती है, जिससे शरीर को पर्याप्त मात्रा में पोषक पदार्थ मिलते रहते हैं जिससे शरीर को ऊर्जा प्राप्त होती रहती है और शरीर स्वस्थ बना रहता है शरीर में विभिन्न रोगों से लड़ने की क्षमता प्राप्त हो सके पदार्थों से मिलती रहती है, और हमारा शरीर विभिन्न प्रकार के रोगों के लिए लड़ने के लिए तैयार रहता है। पतंजलि दिव्या लिवग्रिट टैबलेट के दैनिक प्रयोग से लीवर की सभी प्रकार की समस्याओं से छुटकारा पाया जा सकता है

पतंजलि दिव्या लिवग्रिट टैबलेट

पतंजलि दिव्या लिवग्रिट टैबलेट के फायदे
  • पतंजलि दिव्या लिवग्रिट टैबलेट का प्रयोग लेबर की समस्या के लिए किया जाता है।\
  • पतंजलि दिव्या लिवग्रिट टेबलेट का प्रयोग दैनिक रूप से सुबह तथा शाम करना चाहिए।
  • पतंजलि दिव्या लिवग्रिट टैबलेट का प्रयोग एक गोली सुबह तथा एक गोली शाम को करना चाहिए।
  • की समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए पतंजलि दिव्या लिवग्रिट टैबलेट का प्रयोग दैनिक रूप से करना चाहिए।
  • पेट की अन्य समस्याओं जैसे कब्ज अपाचे समस्या को ठीक करने के लिए दैनिक रूप से पतंजलि दिव्या लिवग्रिट टैबलेट प्रयोग करना चाहिए।

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पतंजलि सर्वकल्प क्वाथ

पतंजलि आयुर्वेदा द्वारा दिव्य कंपनी की सहायता से बनाया गया पतंजलि सर्वकल्प क्वाथ विभिन्न प्रकार के आयुर्वेदिक तत्वों का एक मिश्रण है जो पूर्ण रूप से आयुर्वेदिक है यह क्वाथ विभिन्न प्रकार के आयुर्वेदिक तत्वों जैसे पुनर्नवा, भूम्यामलकी, माकोई आदि से मिलकर बना होता है जिसमें लीवर से संबंधित अनेक बीमारियों को ठीक करने के गुण पाए जाते हैं पतंजलि सर्वकल्प क्वाथ पेट जैसी समस्या की सभी बीमारियों के लिए बहुत ही उपयोगी औषधि है सर्वकल्प क्वाथ का प्रयोग पीलिया जैसी बीमारी के लिए भी किया जाता है इसलिए इसको पीलिया जट्ट के नाम से भी जाना जाता है जिन व्यक्तियों में लीवर से संबंधित समस्याएं होती हैं उनको दैनिक रूप से पतंजलि सर्वकल्प क्वाथ का प्रयोग करना चाहिए इससे उनको लीवर में होने वाली समस्याएं जड़ से समाप्त हो जाएंगे तथा पाचन क्रिया सुचारू रूप से चलने लगेगी पाचन क्रिया के बराबर चलने के कारण हमारे शरीर को पर्याप्त पोषक पदार्थ मिलते रहेंगे जिससे हमारा शरीर पर्याप्त मात्रा में विभिन्न प्रकार के रोगों से लड़ने के लिए तैयार रहेगा और हमारे शरीर में कोई भी बीमारी नहीं हो पाएगी।

पतंजलि सर्वकल्प क्वाथ

पतंजलि सर्वकल्प क्वाथ के फायदे
  • पतंजलि सर्वकल्प क्वाथ लीवर के फंक्शन को ठीक करता है जिससे हमारा लेबर सही तरीके से कार्य करता है।
  • सर्वकल्प क्वाथ पाचन क्रिया में लेबर की मदद करता है जिससे लेबर विभिन्न प्रकार के एंजाइम्स का श्रावण बराबर मात्रा में करता है।
  • पतंजलि सर्वकल्प क्वाथ पेट की विभिन्न बीमारियों के लिए लाभदायक है।
  • पतंजलि सर्वकल्प क्वाथ पेट में होने वाली गैस बदहजमी तथा एसिडिटी जैसी समस्या को जड़ से खत्म करता है।
  • पतंजलि सर्वकल्प क्वाथ पीलिया के लिए बहुत ही असरदार दवा है।

पतंजलि आंवला स्वरस

पतंजलि आंवला स्वरस आंवला फलों द्वारा बनाया गया एक जूस आता है जो लीवर के लिए बहुत है आरामदायक होता है जिन व्यक्तियों में पाचन क्रिया में लीवर सही कार्य नहीं करता है उनके लिए पतंजलि आंवला स्वरस बहुत ही कारगर औषधि है पतंजलि आंवला स्वरस पेट की सभी समस्याओं को जड़ से खत्म कर देता है तथा या गैस बदहजमी एसिडिटी तथा भूख ना लगने जैसी समस्याओं को जड़ से मिटा ता है इसके दैनिक प्रयोग से लीवर पाचन क्रिया में पर्याप्त मात्रा में भाग लेता है जिससे पाचन क्रिया सही होती है और हमारे शरीर को भोजन द्वारा समस्त प्रकार के पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में मिलते रहते हैं जिससे हमारा शरीर स्वस्थ और मजबूत बना रहता है और हमारे शरीर की इम्युनिटी शक्ति बढ़ जाती है जिससे हमारा शरीर विभिन्न प्रकार के रोगों से लड़ता रहता है और हमारे शरीर में किसी भी प्रकार का रोग नहीं होने पाता है जिसके कारण हम स्वस्थ बने रहते हैं। आंवला का स्वाद छारीय होने के कारण यह हमारे शरीर से अम्ल की मात्रा को बराबर कर देता है जिससे लीवर में अमृता नहीं बढ़ने पाती है आंवला में पर्याप्त मात्रा में सारी लवण उपस्थित होते हैं इससे यह हमारे शरीर से अमृता को निकाल देता है आंवला स्वरस के अलावा बाजार में आंवला मुरब्बा आंवला अचार आंवला जैम आंवला कैंडी आदि प्रोडक्ट भी उपलब्ध हैं जिनका प्रयोग करके हम लीवर के फंक्शन को ठीक कर सकते हैं किंतु आंवला स्वरस इन सब में सबसे असरदार प्रोडक्ट है जो हमारे शरीर पर लीवर के फंक्शन को बहुत जल्दी ठीक कर देता है।

पतंजलि आंवला स्वरस

आंवला स्वरस के प्रयोग के फायदे
  • आंवला स्वरस पाचन क्रिया में लीवर के फंक्शन को ठीक करता है। 
  • लीवर में होने वाले विभिन्न प्रकार के समस्याओं को आंवला स्वरस के दैनिक सेवन से ठीक किया जा सकता है।
  • एसिडिटी जैसी समस्या को ठीक करने के लिए नियमित रूप से आंवला स्वरस का सेवन करना चाहिए।
  • पेट में होने वाली गैस कब्ज अपच हाथ को ठीक करने के लिए आंवला स्वरस का दैनिक प्रयोग करना चाहिए
  • आंवला स्वरस के दैनिक प्रयोग से पेट में पढ़ने वाली अमृता को ठीक किया जा सकता है क्योंकि इसके गुण छारीय होते हैं

पतंजलि लिव अमृत टेबलेट्स

पतंजलि लिव अमृत टेबलेट का प्रयोग लीवर की समस्या को ठीक करने के लिए किया जाता है इसमें निम्नलिखित प्रकार के आयुर्वेदिक मुख्य घटक हैं कालमेघ, गिलोय, मकोई जो शरीर की पाचन क्रिया में बहुत ही लाभदायक होते हैं तथा लेवर के फंक्शन पर ठीक करके पाचन क्रिया में सहयोग करते हैं जिससे हमारा लीवर सुचारू रूप से काम करने लगता है तथा हमारा लीवर विभिन्न प्रकार के सहयोगी हारमोंस का श्रावण करने लगता है जिससे हमारी पाचन क्रिया सामान्य रूप से होने लगती है और पाचन क्रिया से प्राप्त रस से पर्याप्त पोषक तत्व मिलते रहते हैं जिससे हमारा शरीर स्वस्थ बना रहता है जिन व्यक्तियों में लीवर की समस्या होती है उनको दैनिक रूप से पतंजलि लिव अमृत टेबलेट का प्रयोग करना चाहिए

पतंजलि लिव अमृत टेबलेट्स

पतंजलि लिव अमृत टेबलेट के प्रयोग तथा फायदे 
  • पतंजलि लिव अमृत टेबलेट लीवर को ठीक करके पाचन क्रिया ठीक करती हैं
  • फैटी लीवर की समस्या के लिए नियमित रूप से पतंजलि लिव अमृत टेबलेट तथा सिरप का प्रयोग करना चाहिए
  • पेट की अन्य समस्याएं जैसे कब्ज, भूख ना लगना, गैस आदि की समस्या के लिए पतंजलि लिव अमृत टेबलेट का प्रयोग करना चाहिए
  • पतंजलि अमृत टेबलेट का प्रयोग हेपेटाइटिस तथा एनीमिया के इलाज के लिए किया जाता है
  • पीलिया में भी पतंजलि लिव अमृत टेबलेट तथा सिरप का प्रयोग किया जा सकता है
  • पतंजलि लिव अमृत टेबलेट पेट की सभी समस्याओं के लिए आरामदायक रामबाण औषधि है 

पतंजलि लिव गोवेर्धन अर्क

पतंजलि लिव गोवर्धन अर्क गाय के मूत्र से बनाया गया  आयुर्वेदिक और और औषधि अर्क होता है जिसका प्रयोग लीवर की समस्या को दूर करने के लिए किया जाता है पतंजलि लिवर गोवर्धन अर्थ बनाने के लिए गाय के मूत्र को गर्म किया जाता है तथा उससे उठने वाले भाग को इकट्ठा किया जाता है भाग को ठंडा करने पर जो और तू प्राप्त होता है उसे ही गौर्धन और कहते हैं इसका प्रयोग कैंसर जैसी बीमारी को दूर करने के लिए किया जाता है 

पतंजलि लिव गोवेर्धन अर्क

गोवर्धन अर्क के फायदे 
  • गोवर्धन अर्क का प्रयोग  लीवर समस्याओं के लिए किया जाता हैगोवर्धन आदि का प्रयोग गैस तथा पाचन संबंधी विकार को दूर करने के लिए किया जाता है
  • गोवर्धन अर्क का प्रयोग पेट के सभी प्रकार के कैंसर के इलाज के लिए किया जाता है 
  • टीबी रोग के इलाज के लिए पतंजलि लिव गोवर्धन अर्क  का प्रयोग किया जाता है
  • त्वचा रोग कैसे खाज खुजली आप को ठीक करने के लिए गोवर्धन अर्क का प्रयोग किया जाता है

पतंजलि पुनर्नवारिष्ट

पतंजलि पुनर्नवारिष्ट का प्रयोग लीवर के फंक्शन को ठीक करने के लिए किया जाता है यह दवा पेट संबंधित विकारों को ठीक करने के लिए प्रयोग की जाती है इसका निर्माण पतंजलि आयुर्वेद द्वारा दिव्य फार्मेसी की सहायता से किया गया है जिसमें विभिन्न प्रकार के आयुर्वेदिक तत्वों का मिश्रण होता है तथा ये सभी तत्व औषधि व सुरक्षित होते हैं इस में पुनर्नवा बला, पाठा, गिलोय, चित्रक, कंटकारी आज तक पाए जाते हैं जो जो शरीर के विभिन्न प्रकार के विकारों  को दूर करते हैं यह औषधि  लीवर के विभिन्न प्रकार की बीमारियों के लिए रामबाण औषधि है

पतंजलि पुनर्नवारिष्ट

पतंजलि पुनर्नवारिष्ट के फायदे
  • पतंजलि पुनर्नवारिष्ट का प्रयोग लीवर की समस्या के लिए किया जाता है
  • पतंजलि पुनर्नवारिष्ट का प्रयोग हाथों पैरों में दर्द में किया जाता है 
  • रक्तचाप का अनियमित रहने में पतंजलि पुनर्नवारिष्ट का प्रयोगकिया जाता है 
  • हृदय रोग में पतंजलि पुनर्नवारिष्ट का प्रयोग किया जाता है  
  • भगंदर, बवासीर आदि के इलाज के लिए पतंजलि पुनर्नवारिष्ट का प्रयोगकिया जाता है  
  • त्वचा के रोग एवं बुखार में पतंजलि पुनर्नवारिष्ट का प्रयोग किया जाता है  

पतंजलि बेल मुरब्बा

पतंजलि बेल मुरब्बा का प्रयोग  लीवर को ठीक करने के लिए किया जाता है यदि लीवर में किसी भी प्रकार का विकार हो जाता है तो दैनिक रूप से पतंजलि बेल मुरब्बा का सेवन करना चाहिए पेट के सभी समस्याओं को ठीक करने के लिए बेल मुरब्बा का सेवन करना चाहिए जिन व्यक्तियों में लीवर की कमी हो जाती है तथा उनका लेवल सही से कार्य नहीं करता तो उनकी पाचन क्रिया खराब हो जाती है पाचन क्रिया को सही रखने के लिए नियमित रूप से बेल का मुरब्बा का सेवन करना चाहिए बेल का मुरब्बा बेल से बनाया जाता है

पतंजलि बेल मुरब्बा

पतंजलि बेल मुरब्बा खाने के फायदे
  • लीवर के फंक्शन को ठीक करने के लिए  पतंजलि बेल मुरब्बा का सेवन अवश्य करना चाहिए 
  • आँतो की समस्या आप को ठीक करने के लिए बेल मुरब्बा का नियमित सेवन करना चाहिए
  • पेट में गैस तथा अपच को दूर करने के लिए बेल मुरब्बा का नियमित सेवन करना चाहिए
  • पेट के कब्ज को दूर करने के लिए बेल का मुरब्बा दैनिक रूप  से खाना चाहिए

फैटी लीवर की अंग्रेजी दवा

जिन लोगों में लीवर की समस्या होती है उनके लिए कुछ आयुर्वेदिक दवाओं के बारे में ऊपर बताया गया है किन्तु जिन लोगों को आयुर्वेदिक दवाईयां फायदा नहीं करती है उनके लिए आज हम आप को कुछ अंग्रेजी दवाओं के बारे में बताएँगे जिन के प्रयोग से आप अपने लीवर को स्वस्थ बना सकते हैं ये अंग्रेजी दवाईयां निम्न लिखित हैं  

  • Lamivudine
  • Methionine
  • Ursodeoxycholic Acid
  • Silymarin

Lamivudine

Lamivudine

Lamivudine दवा लीवर की सभी समस्याओं के लिए बहुत ही फायदेमंद है यह लीवर के फंक्शन को ठीक कर के पेट की सभी समस्याओं में आराम देती है तथा पेट की पाचन क्रिया को ठीक करती है जिन व्यक्तियों में लीवर की समस्या होती है उनको दैनिक रूप से Lamivudine दवा का प्रयोग करना चाहिए Lamivudine पेट से गैस, अपच, बदहजमी आदि सभ समस्याएं ठीक हो जाती हैं  

Methionine

Methionine

Methionine दवा का प्रयोग लीवर से सम्बंधित पेट की बीमारी से बचने के लिए किया जाता है Methionine दवा से औषधीय नमक एमिनो अम्ल की कमी, पोतड़ा पहनने से उत्पन्न चकत्ते, असंयमिता, पैरासिटामोल की अधिक मात्रा, पैरासिटामोल विषाक्तता, अवसाद, शराबीपन, प्रत्यूर्जता, दमा, ताम्र वर्णी विषाक्तता और अन्य स्थितियों के उपचार के लिए निर्देशित किया जाता है यह पेट सभी प्रकार की समस्याओं के लिए कारगर औषधि है तथा पेट को ठीक करने के लिए Methionine दवा का प्रयोग काफी मात्रा में किया जाता है 

Ursodeoxycholic Acid

Ursodeoxycholic Acid

Ursodeoxycholic Acidका प्रयोग फैटी लीवर की समस्या को दूर करने के लिए किया जाता है लीवर से सम्बंधित पेट की समस्या के लिए Ursodeoxycholic Acid दवा का प्रयोग लोगों द्वारा काफी मात्रा में किया जा रहा है यह लीवर के सभी विकारों को ख़तम कर देती है और पेट को स्वस्थ बनती है 

Silymarin

Silymarin

Silymarin एक अद्भुत आयुर्वेदिक औषधि है जिसका प्रयोग लिवर फंक्शन ओं के लिए किया जाता है Silymarin टेबलेट लीवर से संबंधित रोगों के लिए कारगर साबित हुए हैं Silymarin के दैनिक प्रयोग से लिवर फंक्शन प्रॉपर काम करते हैं और लीवर स्वस्थ रहता है जिससे हमारा शरीर स्वस्थ रहता है Silymarin के दैनिक प्रयोग से लीवर में फैट जमा नहीं हो पाता और लीवर में आदि का निर्माण सामान्य स्थिति में बना रहता है जिससे  पाचन क्रिया में आसानी होती है।

लीवर की आयुर्वेदिक दवा

भारतीय घरों में प्रयोग किए जाने वाले खाद्य पदार्थों में आयुर्वेदिक तत्वों के भंडार होता है यह आयुर्वेदिक तक तो दैनिक रूप से भारतीय घरों में खाद्य पदार्थों के रूप में किए जाते हैं जिनमें बहुत सही औषधीय गुण होते हैं हिना औषधीय गुणों के होने के कारण इनका प्रयोग किन प्रकार के दवाओं के निर्माण में किया जाता है यह सामान्य रूप से भी दवा के रूप में किया जाता है यह पदार्थ निम्नलिखित हैं 

  • सेब का सिरका
  • पिप्पली
  • मुलेठी
  • विरेचन क्रिया
  • भूमि-आंवला

लीवर के घरेलू उपचार 

भारतीय घरों में विभिन्न प्रकार के पदार्थो का प्रयोग किया जाता है जो पूर्ण रूप से औषधीय होते हैं तथा जिन का प्रयोग औषध निर्माण में किया जाता है घर में प्रयोग किए जाने विभिन्न पदार्थ मानव लीवर के लिए बहुत ही उपयोगी होते हैं जिनका प्रयोगम है निकोप से खाद्य पदार्थों में करते हैं मानव लीवर शरीर का एक अभिन्न अंग है, इसलिए एक से स्वस्थ रखना हमारी एक जिम्मेदारी है यदि मानव लीवर स्वस्थ नहीं रहेगा हमारी पाचन क्रिया प्रभावित हो जाएगी, और विभिन्न प्रकार के हार्मोन का स्राव बंद हो जाएगा, और पित्ताशय में पित्त का बनना भी बंद हो जाएगा, जिससे हमारा शरीर अस्त व्यस्त हो जाएगा और हम विभिन्न प्रकार के रोगों से ग्रसित हो जाएगा। घर में प्रयुक्त होने वाले यह औषधि पदार्थ निम्नलिखित हैं

  • लस्सी और अनाज
  • पपीता
  • चुकंदर 
  • हल्दी
  • पालक
  • कॉफी
  • ग्रीन टी
  • लहसु

लीवर के विभिन्न प्रकार के समस्याओं से बचने के लिए सावधानियां

लिवर के समस्त समस्याओं से बचने के लिए निम्नलिखित सावधानियों को अपनाना चाहिए जिससे हमारा देवर स्वस्थ रहें और हमारी पाचन क्रिया बराबर होती रहे जिससे हमारे शरीर को पर्याप्त पोषक पदार्थ मिलते रहे यह सावधानियां निम्नलिखित हैं

  • फैटी लीवर के इलाज के दौरान खानपान और जीवनशैली में लाएं ये बदलाव 
  • ताजे फल एवं सब्जियों को अपने आहार में शामिल करें।
  • अधिक फाइबर युक्त आहार का सेवन करें, जैसे फलियाँ और साबुत अनाज।
  • अधिक नमक,ट्रांसफैट, रिफाइन्ड कार्बोहाइड्रेट्स तथा सफेद चीनी का प्रयोग बिल्कुल बंद कर दें।
  • एल्कोहल या शराब का सेवन बिल्कुल न करें।
  • भोजन में लहसुन को शामिल करें  यह फैट जमा होने से रोकता है।
  • ग्रीन टी का सेवन करें। शोध के अनुसार लीवर में जमा फैट को कम करती है तथा लीवर के कार्यकलाप को सुधारती है।
  • तले-भुने एवं जंक फूड का सेवन सर्वथा त्याग दें।
  • इन सब्जियों का प्रयोग ज्यादा करें जैसे पालक,ब्रोक्ली, करेला, लौकी, टिण्डा, तोरी, गाजर, चुकंदर, प्याज, अदरक तथा अंकुरित अनाज खाएँ।
  • राजमा, सफेद चना, काली दाल इन सब का सेवन बहुत कम करना चाहिए तथा हरी मूंग दाल और मसूर दाल का सेवन करना चाहिए।
  • मक्खन, मेयोनीज, चिप्स, केक, पिज्जा, मिठाई, चीनी इनका उपयोग बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए।
  • नियमित रूप से प्राणायाम करें तथा सुबह टहलने जाएँ।

आधुनिक समय में प्रदूषित वातावरण तथा प्रदूषक भोजन के कारण उत्पन्न होने वाले विभिन्न प्रकार की पेट की समस्याओं को देखते हुए आज हमने लिवर के कारण पेट में होने वाली विभिन्न प्रकार की बीमारियों की दवाओं का वर्णन उपर्युक्त लेख में किया है इन दवाओं की जानकारी देना आपको एकमात्र उद्देश्य है कि आप अपने पेट की बीमारियों से स्वस्थ रहें लोगों को जागरूक करते हुए उपर्युक्त लेख में लीवर की समस्या के लिए लिवर का रामबाण इलाज की जानकारी दी गई है जिसके द्वारा आप अपने लिवर को स्वस्थ बना सकते हैं यदि आपका लीवर स्वस्थ रहेगा तो आपका शरीर बराबर पाचन क्रिया करेगा और आपका शरीर भी स्वस्थ रहेगा

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लोगों द्वारा पूछे गए कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न

फैटी लिवर के लिए कौन सी पतंजलि दवा सबसे अच्छी है?

उपर्युक्त लेख में बताई गई सभी औषधियां पेट के लिए बहुत ही रामबाण दवाइयां किंतु इन सब में पतंजलि की कुछ दवाओं का वर्णन उपर्युक्त लेख में किया गया है जिनके अध्ययन तथा उपयोग से अब हमने लीवर को स्वस्थ और मजबूत बना सकते हैं जिससे आपको पेट में होने वाली कोई भी समस्या नहीं होगी 

लिवर को ठीक होने में कितना समय लगता है?

बिना आपको देखे तथा लीवर की जांच किए बिना यह कह पाना बहुत मुश्किल है कि लीवर को कितने दिनों में ठीक किया जा सकता है पहले लीवर के लिए उपयुक्त डॉक्टर द्वारा जांच लिखी जाएंगी उसके बाद जिस प्रकार का इंफेक्शन हुआ होगा उस तरह से सुनिश्चित किया जाएगा कि आप आपके लीवर को ठीक होने में कितना समय लगेगा इसके लिए आप किसी अच्छे डॉक्टर से संपर्क करें तथा उनसे परामर्श लें 

कमजोर लिवर को मजबूत कैसे करें?

उपर्युक्त लेख में लिवर को ठीक करने के लिए विभिन्न प्रकार के विधियों तथा दवाओं का वर्णन किया गया है उपर्युक्त के अध्ययन से तथा लेख में बताई गई और सदियों का तथा अन्य सावधानियों का प्रयोग करते हुए अब अपने लीवर को मजबूत बना सकते हैं लीवर को मजबूत बनाने के लिए दैनिक रूप से कुछ सावधानियां अपनानी पड़ेंगे तथा बताया गई दवाइयों का सेवन समय पर करना पड़ेगा

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