सर्दी जुकाम से हैं परेशान तो लीजिये ये दवा

सर्दी जुकाम राइनो वायरस से फैलने वाला एक संक्रमित रोग है। जिसके होने पर गले में खराश, नाक से पानी आना, सर में दर्द होना, आदि विभिन्न प्रकार की समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं। सर्दी जुकाम मुख्य रूप से शरीर की प्रतिरक्षा तंत्र कमजोर होने की वजह से होता है। जिन व्यक्तियों में प्रतिरक्षा तंत्र कमजोर होता है उनमें राइनो वायरस के संक्रमण का खतरा अधिक होता है, राइनो वायरस के संक्रमण से कुछ समय पश्चात व्यक्तियों को छींक आना, गले में खराश हो जाना, कुछ समय पश्चात बुखार आ जाता है, इन सब से बचने के लिए आज के इस लेख में हम आपको कुछ सर्दी जुकाम की टेबलेट नाम के नाम बताएंगे जिनके प्रयोग से होने वाले सर्दी जुखाम को जड़ से खत्म किया जा सकता है।

सर्दी जुकाम के फैलने के कारण

सर्दी जुकाम एक वायरल इंफेक्शन होता है, जो सामान्य तौर पर गले नाक से शुरू होता है सर्दी जुकाम के वायरल इंफेक्शन में राइनो नामक वायरस के संक्रमण के कारण फैलता है। सर्दी जुकाम के संक्रमण के दिखाई देने के कुछ दिन पहले कि व्यक्ति राइनो वायरस से संक्रमित हो चुका होता है। वायरल के संक्रमण के 3 से 4 दिन बाद लक्षण दिखाई देते हैं, तथा यह संक्रमण 10 से 14 दिन तक रहता है। यदि कोई व्यक्ति सर्दी जुकाम के संक्रमण से ठीक हो गया है फिर भी उसे 14 दिनों तक सावधानी बरतनी चाहिए इससे वायरस से अन्य व्यक्ति संक्रमित  ना होने पाए।

आमतौर पर सर्दी जुकाम वायरल इंफेक्शन के कारण होता है। किंतु यह निम्न प्रकार से भी फैल सकता है

  • किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से।
  • व्यक्ति द्वारा संक्रमित व्यक्ति के कपड़े तथा अन्य सामान प्रयोग करने पर।
  • संक्रमित व्यक्ति की छींक की बूंदों को छूने के बाद अपने मुंह तथा नाक को छूने पर।
  • किसी संक्रमित व्यक्ति के बीच उठने बैठने से।
  • संक्रमित व्यक्ति की किसी वस्तु को छोड़ने के बाद अपने नाक तथा मुंह को छूने पर।

सर्दी तथा जुकाम फैलने के लक्षण

सर्दी तथा जुकाम के प्राथमिक लक्षण दिखाई नहीं देते हैं कुछ समय पश्चात यह लक्षण दिखाई देने लगते हैं किंतु तब तक वायरस पूरी तरह से फैल चुका होता है। सर्दी तथा जुकाम होने के बाद कुछ विभिन्न प्रकार की गंभीर समस्याएं हो जाती हैं। जो निम्नलिखित हैं

  • गले में खराश।
  • खांसी आना।
  • बंद या बहती नाक।
  • बहुत अधिक मात्रा में छींक आना।
  • कुछ समय पश्चात बुखार हो जाना।
  • सिर दर्द तथा पैर की मांसपेशियों में दर्द होना।

सर्दी तथा जुकाम का उपचार

सर्दी तथा जुकाम में ऐसी बीमारी है जिसके प्राथमिक लक्षण दिखाई नहीं देते हैं। प्राथमिक लक्षण में नाक से पानी आना, तथा गले में खराश हो जाना आदि लक्षण दिखाई देते हैं, कुछ समय के पश्चात शरीर का तापमान बढ़ने लगता है तथा इंफेक्शन बढ़ने के साथ-साथ स्वसन तंत्र तथा साइनस को प्रभावित करता है। इसमें नाक से पानी तथा गले में खराश प्राथमिक लक्षण होते हैं इसके उपचार के लिए विभिन्न प्रकार की दवाइयों का प्रयोग किया जाता है। जो वायरस को फैलने तथा बढ़ने से रोकती है इसका प्रभाव कम से कम 10 से 14 दिन तक रहता ही है जो कुछ समय बाद दिखाई नहीं देता है, किंतु इसका वायरस संक्रमित व्यक्ति से किसी दूसरे को 14 दिन बाद तक भी फ़ैल सकता है तथा अन्य व्यक्ति को संक्रमित कर सकता है। जुकाम को ठीक करने की निम्नलिखित दवाइयां उपलब्ध हैं

  • सर्दी जुकाम, बुखार की अंग्रेजी दवा
  • सर्दी जुकाम, बुखार की आयुर्वेदिक दवा
  • सर्दी जुकाम, बुखार की घरेलु दवा

सर्दी जुकाम, बुखार की अंग्रेजी दवा

सर्दी और जुकाम ऐसी बीमारी है जिसका यदि समय पर इलाज नहीं किया जाता है तो यह हमें विभिन्न प्रकार की समस्याएं उत्पन्न कर देती है अतः इसको बहुत जल्दी ठीक करने की जरूरत होती है। जल्दी ठीक करने के लिए कुछ ऐसी दवाओं का प्रयोग किया जाता है जिससे दवाओं का प्रभाव बहुत जल्दी हो मुख्य रूप से देखा गया है कि अंग्रेजी दवाओं का प्रभाव किसी भी रोग पर बहुत जल्दी होता है। आज हम आपको जुकाम के लिए कुछ अंग्रेजी दवाओं के बारे में जानकारी दे रहे हैं इसमें से कुछ सर्दी जुकाम बुखार की टेबलेट नाम लिस्ट हैं यह दवाइयां निम्नलिखित हैं

  • डी कोल्ड
  • सिट्राजन
  • सुमो कोल्ड
  • सॉल्विन कोल्ड
  • विकोरिल टेबलेट
  • डिस्प्रिन कोल्ड टेबलेट
  • चेस्टोन कोल्ड टेबलेट
  • क्रोसिन कोल्ड टेबलेट

डी कोल्ड टेबलेट

डी कोल्ड टेबलेट

जुखाम के लिए टेबलेट डी कोल्ड का प्रयोग सर्दी जुकाम को दूर करने के लिए किया जाता है। सर्दी जुकाम आदि से बचने के लिए डी कोल्ड टेबलेट का प्रयोग किया जाता है। डी कोल्ड टेबलेट जुकाम के अलावा सिर दर्द बुखार बंद नाक साइनोसाइटिस बदन दर्द आग से बचने के लिए किया जाता है। डी कोल्ड टेबलेट सर्दी जुकाम से बहुत जल्द राहत देती है तथा सर्दी जुकाम के कारण होने वाली अन्य समस्याओं से बचाती है। जिससे हमारा शरीर सर्दी जुकाम की समस्या के कारण हुई अन्य समस्याओं से भी बचा रहता है। जिन व्यक्तियों में सर्दी जुकाम के वायरस का प्रभाव बहुत जल्दी होता है उनको प्राथमिक लक्षण दिखने पर ही डी कोल्ड  टेबलेट का प्रयोग करना चाहिए।

सिट्राजन टेबलेट 

सिट्राजन टेबलेट 

सर्दी जुकाम की टेबलेट नाम सिट्राजन है जिस टेबलेट का प्रयोग सर्दी जुकाम की समस्या को दूर करने के लिए किया जाता है, किंतु सिट्राजन मुख्य रूप से एलर्जी के लिए प्रयोग की जाती है यदि सिट्राजिन का प्रयोग किसी अन्य सर्दी जुकाम की टेबलेट के साथ किया जाता है, तो यह टेबलेट सर्दी जुकाम में बहुत ही कारगर साबित होती है यदि यदि प्राथमिक लक्षण दिखने पर सेक्टर जैन टेबलेट का प्रयोग किया जाता है तो सर्दी जुकाम के वायरस का प्रयोग प्रभाव अत्यधिक मात्रा में नहीं हो पाता है। जिससे हमें विभिन्न प्रकार की अन्य समस्याएं नहीं होने पाती हैं। अतः सर्दी जुकाम से बचने के लिए सिट्राजिन का टेबलेट का प्रयोग सर्दी जुकाम की अन्य दवाओं के साथ अवश्य करना चाहिए।

सर्दी जुकाम की टेबलेट का नाम सुमो कोल्ड

सर्दी जुकाम की टेबलेट का नाम सुमो कोल्ड

सुमो कोल्ड टेबलेट का प्रयोग सर्दी जुकाम के प्राथमिक तथा द्वितीयक प्रभाव से बचने के लिए किया जाता है। सुमो कोल्ड टेबलेट सर्दी जुकाम के साथ-साथ होने वाली अन्य समस्याएं जैसे सर दर्द बदन दर्द बुखार से भी बचाती है। सुमो कोल्ड का प्रयोग प्राथमिक स्तर पर किया जाता है तो या जुकाम के वायरस को फैलने नहीं देती है, जिससे हमारे शरीर में जुकाम की समस्या फैलने नहीं पाती है और हम सर्दी और जुकाम के वायरस से अपने शरीर की सुरक्षा करते हैं।

जुखाम के लिए टेबलेट सॉल्विन कोल्ड

जुखाम के लिए टेबलेट सॉल्विन कोल्ड

सॉल्विन कोल्ड टेबलेट का प्रयोग सर्दी जुकाम से बचने के लिए किया जाता है। यह सर्दी तथा जुकाम के लिए रामबाण औषधि है। सर्दी जुकाम और खांसी की टेबलेट के रूप में सॉल्विन कोल्ड टेबलेट का प्रयोग किया जाता है। यदि किसी व्यक्ति को सर्दी जुकाम हो गया है तो उसे सॉल्विन कोल्ड टेबलेट का प्रयोग करना चाहिए। यह  टेबलेट जुकाम को पढ़ने नहीं देती है तथा जुकाम से होने वाली अन्य समस्याओं को रोक देती है जिससे हमारा शरीर कुछ समय पश्चात स्वस्थ हो जाता है। 

विकोरिल टेबलेट

विकोरिल टेबलेट

विकोरिल टेबलेट का प्रयोग सर्दी जुकाम से बचने के लिए किया जाता है। जिन व्यक्तियों में सर्दी जुकाम के लक्षण दिखाई देते हैं उनको विकोरिल टेबलेट का प्रयोग करना चाहिए। जिससे सर्दी जुकाम का वायरस फैलने नहीं पाता है। यदि जुकाम  की प्राथमिक स्थिति में sardi jukam ki tablet ka name की विकोरिल टेबलेट का प्रयोग कर लिया जाता है तो जुकाम से होने वाली बुखार खांसी सर दर्द समस्याएं नहीं होने पाते हैं  तथा जुकाम के प्रभाव से हमें बहुत जल्दी छुटकारा मिल जाता है। जिन व्यक्तियों को जुकाम की समस्या हो जाती है उनको दैनिक रूप से हुई विकोरिल टेबलेट का प्रयोग करना चाहिए।

डिस्प्रिन कोल्ड टेबलेट

डिस्प्रिन कोल्ड टेबलेट

सर्दी जुकाम की टेबलेट का नाम डिस्प्रिन कोल्ड का प्रयोग सर्दी जुकाम से बचने के लिए किया जाता है  डिस्प्रिन कोल्ड टेबलेट सर्दी जुकाम की अन्य समस्याओं से हमें बचाती है यदि डिस्प्रिन कोल्ड टेबलेट का प्रयोग संक्रमण के प्राथमिक स्तर पर किया जाता है तो यह में सर्दी जुकाम की अन्य समस्याओं जैसे बुखार सर दर्द बदन दर्द तथा  बंद नाक आदि की समस्याओं से बचाती है। डिस्प्रिन कोल्ड टेबलेट सर्दी जुकाम के संक्रमण को रोकती है जिससे जुकाम का संक्रमण गंभीर रूप से फैलने नहीं पाता है। जिन व्यक्तियों में सर्दी जुकाम का संक्रमण होता है उनको दैनिक रूप से डिस्प्रिन कोल्ड टेबलेट का प्रयोग करना चाहिए।

sardi ke liye tablet चेस्टोन कोल्ड

sardi ke liye tablet चेस्टोन कोल्ड

चेस्टन कोल्ड टेबलेट मैं तीन प्रकार के दवाओं का मिश्रण होता है जिसमें सिट्राजन, पेरासिटामोल तथा Phenylephrine  दवाई होती हैं। जिसमें से सिट्राजिन का प्रयोग एलर्जी पेरासिटामोल का प्रयोग सामान्य बुखार तथा नाक बहना आंखों से पानी आना आदि समस्याओं के लिए किया जाता है। इसके अलावा चेस्टन कोल्ड टैबलेट का उपयोग बुखार और दर्द से राहत पाने के लिए भी किया जाता है। यह दवा आपको कितने समय तक उपयोग करना है यह परामर्श अपने डॉक्टर से अवश्य ले लें चेस्टन कोल्ड टेबलेट का प्रयोग जुकाम को प्राथमिक स्तर पर रोकने के लिए किया जाता है। जिन व्यक्तियों में सर्दी जुकाम बुखार की समस्या होती है उनको दैनिक रूप से चेस्टन कोल्ड टेबलेट का प्रयोग करना चाहिए।

jukam ki tablet क्रोसिन कोल्ड

jukam ki tablet क्रोसिन कोल्ड

क्रोसिन कोल्ड टेबलेट का प्रयोग सर्दी जुकाम की समस्या के लिए किया जाता है। क्रोसिन कोल्ड & फ्लू मैक्स टैबलेट एक मिश्रित दवा है, जिसका इस्तेमाल जुकाम के सामान्य लक्षणों के इलाज में किया जाता है। यह बहती या बंद नाक, छींकने, गले में खराश, खाँसी, शरीर में दर्द और हल्के बुखार जैसे लक्षणों से राहत देता है। जिन व्यक्तियों में सर्दी जुकाम तथा बुखार की समस्या होती है। उनको दैनिक रूप से क्रोसिन कोल्ड एंड फ्लू मैक्स टेबलेट का प्रयोग करना चाहिए इससे  सर्दी जुकाम तथा बुखार की समस्या प्राथमिक स्तर पर ही समाप्त हो जाती है।

सर्दी जुकाम, बुखार की आयुर्वेदिक दवा

सर्दी जुकाम बुखार को दूर करने के लिए ऊपर कुछ अंग्रेजी दवाओं के बारे में बताया गया है। जिन व्यक्तियों को सर्दी जुकाम बुखार के अंग्रेजी दवाओं से इसी प्रकार के एलर्जी होती है। उनके लिए नीचे कुछ आयुर्वेदिक दवाओं के बारे में बताया गया है जिनके दैनिक प्रयोग से होने वाली सर्दी जुकाम बुखार की समस्या से निजात पाया जा सकता है। सर्दी जुकाम बुखार की आयुर्वेदिक दवाएं सर्दी तथा जुकाम बुखार की टेबलेट नाम लिस्ट निम्नलिखित हैं

  • पतंजलि दिव्य गिलोय स्वरस
  • पतंजलि गिलोय घनवटी
  • jukam ki tablet तुलसी घनवटी 
  • पतंजलि स्वसरी प्रवाही 
  • पतंजलि स्वसरी वटी 
  • कोरोनिल

पतंजलि दिव्य गिलोय स्वरस

पतंजलि दिव्य गिलोय स्वरस

पतंजलि गिलोय स्वरस के  नियमित सेवन से शरीर में प्रतिरक्षा तंत्र मजबूत होता है। प्रतिरक्षा तंत्र मजबूत होने के कारण शरीर में होने वाली विभिन्न प्रकार की बीमारियों से राहत मिलती है। गिलोय स्वरस के नियमित सेवन से सर्दी जुकाम तथा बुखार विभिन्न प्रकार की बीमारियों से लड़ने के लिए शरीर को पर्याप्त क्षमता मिलती है। गिलोय स्वरस के प्रयोग से हमारे शरीर का रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ जाती है, जिससे हमारा शरीर विभिन्न प्रकार के रोगों से लड़ने के लिए तैयार रहता है। जिन व्यक्तियों में सर्दी जुकाम तथा बुखार की समस्या रहती है उनको दैनिक रूप से पतंजलि गिलोय स्वरस का प्रयोग करना चाहिए।

पतंजलि गिलोय घनवटी

पतंजलि गिलोय घनवटी

गिलोय प्रकृति में पाया जाने वाला एक आयुर्वेदिक पौधा है। जिसका प्रयोग विभिन्न प्रकार की आयुर्वेदिक दवाओं के निर्माण में किया जाता है।गिलोय के पौधे से गिलोय घनवटी तैयार की जाती है जिसका प्रयोग सर्दी जुकाम तथा बुखार से बचने के लिए किया जाता है। गिलोय घनवटी के दैनिक प्रयोग से शरीर में रोगों के लड़के की  प्रतिरोधक क्षमता का विकास होता है, जिससे हमारा शरीर विभिन्न प्रकार के रोगों से लड़ने के लिए तैयार रहता है।गिलोय घनवटी का प्रयोग यूरिक एसिड की रामबाण दवा के लिए किया जाता है जिन व्यक्तियों में सर्दी जुकाम बुखार की समस्या रहती है उनको गिलोय स्वरस के साथ-साथ गिलोय घन वटी का प्रयोग करना चाहिए। 

सर्दी जुकाम और खांसी की टेबलेट तुलसी घनवटी 

सर्दी जुकाम और खांसी की टेबलेट तुलसी घनवटी 

तुलसी प्रकृति में पाया जाने वाला एक आयुर्वेदिक पौधा होता है। जिसमें विभिन्न प्रकार के औषधि गुण पाए जाते हैं। जिसमें विभिन्न प्रकार के औषधि गुण पाए जाते हैं तुलसी का प्रयोग प्राचीन काल से दवाओं के निर्माण में किया जा रहा है। तुलसी में रोगों से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता बहुत अधिक मात्रा में होती है तथा इसमें एंटीबायोटिक तथा एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं। जो शरीर को विभिन्न प्रकार के रोगों से लड़ने की क्षमता प्रदान करते हैं। तुलसी घनवटी तुलसी के पत्ते द्वारा बनाई गई एक आयुर्वेदिक दवा है, जो पतंजलि आयुर्वेदा द्वारा दिव्य फार्मेसी की सहायता से बनाई गई है जिन व्यक्तियों में सर्दी जुकाम तथा बुखार की समस्या होती है, उनको दैनिक रूप से तुलसी घनवटी का प्रयोग करना चाहिए तुलसी घनवटी जुकाम तथा बुखार को प्राथमिक स्तर पर ही रोक देती है।

पतंजलि स्वसरी प्रवाही 

पतंजलि स्वसरी प्रवाही

पतंजलि स्वसरी प्रवाही जुकाम तथा सर्दी से बचने की एक आयुर्वेदिक सिरप है जो पतंजलि आयुर्वेद द्वारा दिव्य फार्मेसी की सहायता से तैयार की गई है। जिसमें विभिन्न प्रकार के आयुर्वेदिक दवाओं का मिश्रण होता है जो सर्दी जुकाम तथा खांसी के लिए रामबाण औषधि है। जिन व्यक्तियों में सर्दी जुकाम खांसी की समस्या होती है उनको दैनिक रूप से पतंजलि प्रवाही  का प्रयोग करना चाहिए जिससे उन को होने वाली खांसी की समस्या से जड़ से राहत मिलेगी।

पतंजलि स्वसरी वटी 

पतंजलि स्वसरी वटी 

पतंजलि स्वसरी वटी सर्दी जुकाम और खांसी की टेबलेट का प्रयोग मुख्य रूप से स्वांस संबंधी बीमारियों तथा सर्दी जुकाम के लिए प्रयोग किया जाता है। श्वासारी वटी का उपयोग सर्दी, खाँसी, जुकाम, बुखार, टी. बी., छाती में दर्द, सांस लेने में दिक्कत, गले में खराश और अन्य सभी प्रकार के श्वसन संबंधी समस्या के उपचार में किया जाता है। वहीं श्वासारी वटी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में भी मदद करती है। जिन व्यक्तियों में सर्दी जुकाम तथा बुखार की समस्या रहती है उनको दैनिक रूप से पतंजलि स्वसरी वटी का प्रयोग करना चाहिए जिससे उन को होने वाली खांसी सर्दी जुकाम की समस्या जड़ से समाप्त हो जाएगी।

सर्दी जुकाम की टेबलेट नाम कोरोनिल

सर्दी जुकाम की टेबलेट नाम कोरोनिल

sardi jukam ki tablet ka name कोरोनिल है जो पतंजलि आयुर्वेद द्वारा बनाई गई एक औषधि है जो शरीर में इम्यूनिटी सिस्टम को ठीक करती है तथा हमारे शरीर पर रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है। जिन व्यक्तियों में सर्दी जुकाम तथा बुखार की समस्या होती है उनको दैनिक रूप से कोरोनिल का प्रयोग करना चाहिए जिससे सर्दी जुकाम तथा बुखार की समस्या जड़ से समाप्त हो जाएगी। कोरोनिल का प्रयोग कोरोना से महामारी को ठीक करने के लिए किया जाता है यह दवा रोगियों में रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है जिससे शरीर कोरोना जैसी बीमारी से लड़ने के लिए तैयार हो जाता है।

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सर्दी जुकाम, बुखार की घरेलु दवा

भारतीय घरों में आयुर्वेदिक औषधियों का भंडारण होता है। भारतीय घरों में विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थ का प्रयोग दैनिक रूप से किया जाता है जिनमें बहुत सारे आयुर्वेदिक औषधि तत्व होते हैं, जो विभिन्न प्रकार की बीमारियों को समाप्त कर सकते हैं हमारे घरों में कुछ ऐसे आयुर्वेदिक तत्व पाए जाते हैं जो सर्दी जुकाम तथा बुखार को खत्म कर सकते हैं सर्दी जुकाम बुखार को ठीक करने की आयुर्वेदिक तथा अंग्रेजी दवाओं के साथ साथ हम निम्नलिखित घरेलू दवाओं का भी प्रयोग कर सकते हैं घरेलू दवाइयां निम्नलिखित हैं

  • हल्दी वाला दूध 
  • अदरक
  • गेहूं की भूसी 
  • शहद 
  • तुलसी 
  • लहसुन

हल्दी वाला दूध

भारतीय घरों में मसालों के रूप में प्रयुक्त की जाने वाली हल्दी में विभिन्न प्रकार के एंटीबायोटिक तथा एंटी एलर्जी तत्व पाए जाते हैं जो मानव शरीर में प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूत करते हैं जिससे हमारा शरीर विभिन्न प्रकार के रोगों से लड़ने के लिए तैयार रहता है। सर्दी जुकाम बुखार से बचने के लिए दूध में एक चम्मच हल्दी मिलाकर उसको अच्छे से गर्म करना चाहिए गर्म करने के बाद उसे ठंडा करके सोते समय पी लेना चाहिए। दैनिक प्रयोग करने से सर्दी जुकाम तथा बुखार जैसी समस्या समाप्त हो जाती है और शरीर को विभिन्न प्रकार के रोगों से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता प्राप्त होती है।

अदरक

सर्दी जुकाम तथा बुखार से बचने के लिए दैनिक रूप से अदरक के रस का प्रयोग करना चाहिए अदरक के रस में शरीर की  इम्यूनिटी बढ़ाने वाले गुण पाए जाते हैं, जो शरीर को विभिन्न प्रकार के रोगों से लड़ने की क्षमता प्रदान करते हैं। सर्दी जुकाम तथा बुखार से बचने के लिए अदरक के रस में थोड़ा-सा शहद मिलाकर दैनिक रूप से प्रयोग करने पर सर्दी जुकाम की समस्या जड़ से समाप्त हो जाती है।

गेहूं की भूसी 

सर्दी जुकाम से बचने के लिए गेहूं की भूसी को एक गिलास पानी में उबालते हैं। उबालने के बाद पानी को छलनी  की सहायता से छान कर उसमें एक चम्मच शहद तथा एक चम्मच अदरक का रस मिलाकर पी लेते हैं। इसके दैनिक प्रयोग से सर्दी जुकाम कुछ समय में ही समाप्त हो जाता है। जिन लोगों ने सर्दी जुकाम की समस्या होती है, उनको दैनिक रूप से गेहूं की भूसी का पानी अदरक और शहद के साथ पीना चाहिए। जिससे हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और सर्दी जुकाम की समस्या से राहत मिलती है।

शहद

आज भी गांव में बड़ी आसानी से शहद मिल जाता है जो बिल्कुल शुद्ध होता है। शहद में एंटी ऑक्सीडेंट एंटीबायोटिक गुण  बहुत अधिक मात्रा में पाए जाते हैं। शहद के नियमित सेवन से हमारे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बहुत अधिक मात्रा में बढ़ती है, यदि हम दैनिक रूप से शहद का सेवन करते हैं तो सर्दी जुकाम तथा सर्दी जुकाम से संबंधित बीमारी ठीक हो जाती है, और हमारा शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता होने के कारण वह विभिन्न प्रकार के रोगों से लड़ने के लिए तैयार रहता है। इससे हमारे शरीर में अन्य किसी प्रकार के विकार नहीं होते हैं।

तुलसी

तुलसी एक ऐसा पौधा होता है इसमें विभिन्न प्रकार के आयुर्वेदिक औषधीय गुण पाए जाते हैं। तुलसी का प्रयोग प्राचीन काल से ही आयुर्वेद में देसी आयुर्वेदिक दवाओं के निर्माण मैं किया जाता था। तुलसी में विभिन्न प्रकार के रोगों को ठीक करने के औषधीय गुण उपलब्ध होते हैं। तुलसी में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने की बहुत अधिक शक्ति होती है। तुलसी की पत्तियों दैनिक रूप से खाने पर हमारे शरीर में कीसी प्रकार का रोग नहीं होने पाता है। सर्दी जुकाम से बचने के लिए दैनिक रूप से तुलसी पक्षियों का सेवन करना चाहिए या फिर तुलसी की पत्तियों से रस निकालकर इसमें थोड़ा सा शहद और अदरक का रस मिलाकर पीने से सर्दी जुकाम की समस्या जड़ से खत्म हो जाती है, तथा अन्य सर्दी जुकाम की समस्या से होने वाली परेशानियां नहीं होती है।

लहसुन

भारतीय घरों में दैनिक रूप से लहसुन का प्रयोग सब्जी तथा दाल में छौंक लगाने के लिए किया जाता है। लहसुन में बहुत अधिक मात्रा में एंटी ऑक्सीडेंट तथा एंटीबायोटिक गुण पाए जाते जो शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढाते हैं। जिससे हमारे शरीर को विभिन्न प्रकार के रोगों से लड़ने की शक्ति प्राप्त होती है जिन व्यक्तियों में सर्दी जुकाम में होती है। उनको दैनिक रूप से अपने खाने में लहसुन का प्रयोग करना चाहिए खाने के साथ-साथ रात को सोते समय लहसुन की दो से तीन कच्ची कलियां खानी चाहिए। जिससे सर्दी जुकाम की समझ जड़ से समाप्त हो जाएगी।

निष्कर्ष

सर्दी जुकाम हमारे शरीर में बीमारियों की एक सामान्य अवस्था होती है। सर्वप्रथम शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कम होने पर हमारे शरीर में सर्दी जुकाम की समस्या उत्पन्न होती है। उसके पश्चात बुखार के साथ-साथ हमारे शरीर में विभिन्न प्रकार की बीमारियां हो जाती हैं, जिसमें सर दर्द, बदन दर्द, तथा पैरों के जोड़ों में दर्द के साथ-साथ विभिन्न प्रकार की स्वास संबंधी बीमारियां हो जाती हैं हमारा शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता ना होने के कारण यह विभिन्न प्रकार के रोगों से लड़ने में सक्षम नहीं होता है। इन सभी समस्याओं से बचने के लिए उपर्युक्त लेख में आज हमने सर्दी जुकाम की टेबलेट नाम  बताए हैं, जिनकी जानकारी तथा उपयोग से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाया जा सकता है, तथा सर्दी जुकाम की समस्या को जड़ से खत्म करके होने वाले विभिन्न प्रकार के रोगों से बचा जा सकता है।

लोगों द्वारा पूछे जाने वाले प्रश्न

सर्दी जुकाम में कौन सा दवा खाना चाहिए?

एक लेख में हमने सर्दी जुकाम से बचने के लिए विभिन्न प्रकार की आयुर्वेद एलोपैथिक दवाओं का वर्णन किया है जिसमें जुकाम को जड़ से खत्म करने की विभिन्न प्रकार की विधियां बताइए उपर्युक्त लेख के अध्ययन के पश्चात बताई गई दवाओं का प्रयोग करते हुए आप अपनी सर्दी जुकाम को जड़ से समाप्त कर सकते हैं दवाओं के बारे में विशेष जानकारी के लिए किसी डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें डॉक्टर के बताए गए हैं मात्रा तथा समय के अनुसार दवा का प्रयोग करें जिससे आपकी सर्दी जुकाम की समस्या निश्चित रूप से समाप्त हो जाएगी। 

सर्दी जुकाम के लिए सबसे अच्छी दवा कौन सी है?

सभी व्यक्तियों की शारीरिक संरचना अलग-अलग प्रकार की होती जिस प्रकार की शारीरिक संरचना होती है डॉक्टर के बताए गए परामर्श के अनुसार हमें किसी प्रकार की दवा की आवश्यकता होती है इसलिए यह कह पाना बड़ा मुश्किल है सर्दी जुकाम की सबसे अच्छी दवा कौन है लेकिन आपके शारीरिक संरचना के अनुसार डॉक्टर जिस दवा के बारे में आप तो परामर्श देते हैं आप उस दवा का प्रयोग कर सकते हैं शारीरिक संरचना के अनुसार सभी दवाएं अच्छी होती हैं लेख में विभिन्न प्रकारों का वर्णन किया गया है जिनके प्रयोग से आप अपने सर्दी जुकाम की समस्या को जड़ से समाप्त कर सकते हैं। 

नाक में पानी आना कैसे बंद करें?

यदि आपकी नाक से पानी आ रहा है तो यह सर्दी और जुकाम के प्राथमिक लक्षण हो सकते हैं सर्दी जुकाम को ठीक करने के लिए आपको उपर्युक्त लेख का अध्ययन करना चाहिए जिसमें विभिन्न प्रकार की दवाओं का वर्णन किया इनका प्रयोग करके आप सर्दी जुकाम की समस्या से होने वाले समस्या जैसे नाक में पानी आना को आसानी से ठीक कर सकते हैं उपर्युक्त लेख में सर्दी जुकाम की टेबलेट नाम, उपयोग विधि तथा फायदे बताए गए हैं।

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